औद्योगिक संगठन बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योग संघ (बीबीएनआईए) के अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार को प्री बजट मेमोरेंडम दिया है। इसमें सबसे अधिक बल बीबीएन सहित अन्य उद्योगों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर दिया है। औद्योगिक क्षेत्रों के बजट में इजाफा करके उसे एकमुश्त दिया जाना चाहिए। बाहरी प्रदेशों को बिजली सस्ती दरों पर बेची जाती है, जो कि बिक नहीं रही। इसे विद्युत उद्योगों को दे, जिससे सरकार और उद्योगों को दोनों को लाभ होगा।
दवा निर्माताओं को सुविधाएं नहीं, जीएसटी रिफंड अटका : गुप्ता
हिमाचल दवा निर्माता संघ के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि सबसे अधिक इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधा की कमी अखरती है। सरकार बीबीएन के इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर ध्यान दे। नए उद्योग लगाने के लिए यह बहुत जरूरी है। प्रदेश में दर्जनों नए फार्मा उद्योग यहां स्थापित हो रहे हैं। अकेले फार्मा उद्योगों का पांच करोड़ प्रतिमाह माह का जीएसटी रिफंड अटका हुआ है। सरकार इसे तत्काल क्लीयर कर फार्मा सहित अन्य उद्योगों को राहत दे। नए उद्योग लगाने की प्रक्रिया तेज हो। औद्योगिक क्षेत्रों का बीबीएन क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की बेहद आवश्यकता है।
बेरोजगारी का समाधान निकाले सरकार : बतरा
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष संजय बतरा ने कहा कि प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की है, जिसके लिए सरकार को कुछ सोचना होगा। सरकार युवाओं को प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर वित्तीय सहयोग करे। युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएं। उद्योगपतियों को विश्वास है कि इस बार के बजट में भी उद्योग जगत को सरकार राहत पहुंचाएगी।
निवेश के लिए कहां कितना लैंड बैंक
पूंजीपतियों को लुभाने के लिए सरकार ने कांगड़ा, ऊना और सोलन में 750 एकड़ भूमि में लैंड बैंक तैयार कर दिया है। इसके अलावा सरकार 650 एकड़ भूमि हस्तांतरित करके ऊना और कांगड़ा में दूसरी लैंड बनाने की तैयारी की जा रही है। इन लैंड बैंकों में सड़कें, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करने को बजट के उचित प्रावधान की जरूरत है।