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हिमाचल सरकार ने पूछा, बसों में कितनी हो सकती है ओवरलोडिंग

Thu, 27 Jun 2019 11:19 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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कुल्लू के बंजार में बस हादसे के बाद ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध के बाद जगह-जगह हो रहे प्रदर्शनों के बीच बुधवार को परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर और मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक की।

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पहले गोविंद ठाकुर ने अफसरों की बैठक ली और इसके बाद मुख्य सचिव ने भी अफसरों से चर्चा की। अफसरों से पूछा गया कि बसों में कितनी फीसदी तक ओवरलोडिंग की जा सकती है। इस संबंध में एक दिन के भीतर गणना कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

बैठक में कालाअंब और पांवटा साहिब में इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इससे ओवरलोडिंग बसों के चालान स्वयं होंगे। कुल्लू में बस हादसे के बाद ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध की वजह से यात्रियों को नहीं बैठाया जा रहा।
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जिस बस में सीट से ज्यादा सवारियां पाई जाती हैं, उनका चालान किया जा रहा है। कई बसों से छात्रों और अन्य लोगों को उतारा जा रहा है, जिस वजह से जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। 

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मंत्री के साथ बैठक में हुए ये फैसले

परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा
ग्रामीण क्षेत्रों में 124 नए रूट दिए जाएंगे। ये रूट अगस्त से देना शुरू किए जाएंगे
प्रदेश की 2982 स्कूल बसों में से 1769 की जांच की जा चुकी है, शेष की अगले 3 माह में जांच पूरी की जाएगी
सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए प्रदेश के सभी चुने हुए प्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी
जहां ओवरलोडिंग की समस्या है, उन क्षेत्रों में अस्थायी परमिट जारी किए जाएंगे
जो निजी बस ऑपरेटर रूट पर नहीं चल रहे हैं, उनके परमिट रद्द किए जाएंगे
राजस्व में वृद्धि के लक्ष्य को तय सीमा से पूर्व प्राप्त करना
कांट्रेक्ट कैरेज बसों के संचालन को रेगुलेट किया जाएगा ताकि यात्रियों को असुविधा न हो
कर जमा करने वाले ट्रांसपोर्टरों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा
अगले दो वर्षों में मशीनों से वाहनों की फि टनेस जांची जाएगी
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