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छात्रा की रेप के बाद हत्या मामले में घिरी सरकार, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Mon, 10 Jul 2017 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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कोटखाई में एक छात्रा से दुराचार और हत्या के मामले में सरकार घिरती दिख रही है। जघन्य मामले में पुलिस चार दिन बाद भी खाली हाथ है, जिससे सियासी दलों के साथ सामाजिक संगठनों ने चौतरफा हमला बोल दिया है।
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विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते एक और जहां मामले पर सियासी रंग चढ़ने लगा है जबकि दूसरी तरफ सामाजिक संगठन के धरने प्रदर्शनों ने कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

इस आपराधिक वारदात को जिस तरह से क्षेत्र में दम तोड़ती मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है उससे सरकार की दिक्कतें और बढ़ सकती है। मंडी में फारेस्ट गार्ड होशियार सिंह के मौत पर उठे सवाल अभी शांत नहीं हुए कि सरकार शिमला के कोटखाई में किशोरी के साथ दुराचार के बाद हत्या के मामले पर फिर कटघरे में है।
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दो दिन तक लापता रहने के बाद किशोरी का शव मिलने पर भड़का जनाक्रोष राजधानी तक पहुंच गया है। आमतौर पर शांत रहने वाले पर्वतीय क्षेत्रों में जघन्य वारदात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में जुटी पुलिस का रवैया लोगों के गुस्से को और भड़का रहा है। सरकार के स्तर से मामले में लगातार अपडेट ली जा रही है, 

लेकिन मामले में अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने से जनता प्रदर्शन से हटने को तैयार नहीं। स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन सिर्फ दरिंदों की गिरफ्तारी ही नहीं बल्कि क्षेत्र में हाई स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे हैं। 

सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के प्रदर्शन के साथ भाजपा भी इस मामले में हमलावर हो गई है। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रही भाजपा अब खुलकर मोर्चे पर आ गई है। पार्टी के स्थानीय नेता लगातार पीड़ित परिवार से संपर्क में है।
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शांत देवभूमि पर कांग्रेस का ग्रहण - धूमल

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शिमला के कोटखाई में छात्रा के साथ दुराचार के बाद हत्या की घटना पर गहरा दुख जताते हुए अपराधियों के अभी तक न पकड़े जाने पर रोष व्यक्त किया है। धूमल ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से प्रदेश शर्मसार हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसराज में हत्या और बलात्कार जैसे संगीन अपराधों के मामले में तीन गुना वृद्धि हुई है।

देवभूमि की शांति को कांग्रेस ने ग्रहण लगा दिया है। धूमल ने कहा कि यह शर्मनाक है कि अभी तक होशियार हत्याकांड का कोई सुराग नहीं मिला है। कानून व्यवस्था पर नियत्रंण न होने के कारण काला अंब में गोलाबारूद, नाहन में हथियार, सबाथू में आतंकियों के समर्थन में दीवार लेखन, बंजार में आईएसआईएस के आतंकी खाबिद मोहम्मद का मिलना प्रदेश सरकार पर सवालिया निशान है। 

उन्होंने कहा कि 18000 से अधिक दर्ज एफआईआर प्रदेश में कानून व्यवस्था का कच्चा चिट्ठा खोल रही है। सातवीं बार मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने वालों को एक दिन भी सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि वह लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाने में असफल साबित हुए हैं। 
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