आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी सेवाओं में लाने की प्रक्रिया को झटका लगा है। एक महीने में पालिसी लाने का एलान करने वाली सरकार ने करीब चार महीने बाद सरकारी सेवा में लाने के मुद्दे पर हाथ खड़े कर लिए हैं। शनिवार को कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक आउटसोर्स कर्मियों के लिए अब केवल अन्य लाभ देने के लिए नीति बनाना तय हुआ है।
महीनों से इंतजार कर रहे कर्मियों को सरकार ने झुनझुना थमा दिया है। कानूनी पेच का हवाला देकर सरकार अब उनका मासिक मानदेय बढ़ाएगी। संविदा कर्मचारियों की भांति उनके लिए सीएल और मेडिकल की छुट्टियों का प्रावधान भी करेगी।
कैबिनेट बैठक में पालिसी का ब्लू प्रिंट भी रखा गया, जिसमें मंत्रिमंडल ने कुछ संशोधन करने का सुझाव दे जारी करने का निर्देश दिया है। सबसे पहले सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों का वर्गीकरण करेगी। वर्गीकरण के लिए उनकी सेवा अवधि और पद को मानक बनाया जा सकता है। एक सप्ताह के अंदर पालिसी जारी कर दी जाएगी।