राजधानी शिमला और धर्मशाला के बाद अब सरकार सोलन को भी नगर निगम बनाने जा रही है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार सोलन वासियों को यह तोहफा दे सकती है। सोलन नगर परिषद की जनसंख्या कम होने के कारण यह मामला पेंडिंग था। मुख्यमंत्री के सोलन दौरे के बाद इसकी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
सोलन और आसपास की 31 संस्थाओं सहित पंचायतों ने सोलन को नगर निगम बनाने के लिए डीसी सोलन को ज्ञापन सौंपा है। शनिवार तक उपायुक्त सोलन सरकार को इसका प्रस्ताव भेज रहे हैं। वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार सोलन नगर परिषद की जनसंख्या 39,256 हजार है। नगर निगम बनाने के लिए सोलन की आबादी कम से कम 50 हजार होनी चाहिए।
आबादी पूरी करने के लिए सोलन नगर निगम संघर्ष समिति ने एक अभियान चलाया। समिति के अध्यक्ष कुल राकेश पंत ने बताया कि अभियान में लोगों को नगर निगम बनाए जाने के फायदे बताए गए। लोगों को शिमला और धर्मशाला नगर निगम में हो रहे विकास कार्यों के बारे में भी बताया गया। स्मार्ट सिटी से लेकर अमृत योजना और केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता के बारे में भी अवगत कराया गया।
सीएम ने कही थी महानगर बनाने की बात
हाल ही में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोलन का दौरा कर इस शहर को महानगर बनाने की बात कही थी। इसके बाद ही नगर निगम बनाने की गतिविधियां तेज हुई हैं।
सोलन को नगर निगम बनाए जाने का प्रस्ताव है। पहले लोग नगर निगम को लेकर आपत्तियां जता रहे थे, लोगों की ओर से दिया गया ज्ञापन शनिवार तक प्रस्ताव सरकार को भेजा जाना है। -राकेश कंवर, डीसी सोलन
सोलन को नगर निगम बनाया जा रहा है। इसको लेकर डीसी सोलन से प्रस्ताव मांगा गया है। शीघ्र इसे अमलीजामा पहनाया जा रहा है। -सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री