फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावों से पहले इन शिक्षकों का बढ़ेगा मानदेय, तैयारियों में जुटा विभाग

Wed, 09 Aug 2017 12:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
चुनावी साल में सरकार एसएमसी पॉलिसी के तहत नियुक्त शिक्षकों के भी मानदेय में बढ़ोतरी करने जा रही है। मानदेय में बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव बनाने में शिक्षा विभाग जुट गया है। संभावित है कि इसी माह होने वाले कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
विज्ञापन


प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में 4000 से अधिक शिक्षक एसएमसी पॉलिसी के तहत नियुक्त हैं। मई महीने में ही सरकार ने इन शिक्षकों के मानदेय में 30 फीसदी बढ़ोतरी की थी। एसएमसी पॉलिसी के तहत नियुक्त शिक्षकों को नियमित करने के आड़े आ रही दिक्कतों के चलते सरकार ने इन शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।

शिक्षा विभाग को सरकार ने प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए हैं। अभी एसएमसी के तहत नियुक्त पीजीटी, टीजीटी और डीपीई को प्रतिमाह 7800 रुपये मानदेय मिल रहा है। शास्त्री, एलटी और ड्राइंग टीचर को 5850 रुपये, जबकि जेबीटी को 4550 रुपये दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन


जमा एक और जमा दो कक्षा को पढ़ाने वाले पीजीटी को प्रति पीरियड 195 रुपये, नवीं और दसवीं कक्षा को पढ़ाने वाले पीजीटी को प्रति पीरियड 130 रुपये, डीपीई, टीजीटी को 130 रुपये, एलटी, शास्त्री, डीएम और जेबीटी को 97.50 रुपये दिए जा रहे हैं।

शिक्षकों ने किया कक्षाओं का बहिष्कार
एसएमसी पीरियड बेसिस टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पितान और महासचिव मनोज रौंगटा ने बताया कि मंगलवार को सभी एसएमसी शिक्षकों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया।

उन्होंने कहा कि पांच अगस्त की मंत्रिमंडल बैठक में पीटीए, पैरा, पैट और कंप्यूटर अध्यापकों को सरकार की ओर से कई तोहफे दिए हैं, वहीं एसएमसी शिक्षकों के भर्ती नियम आरटीई अधिनियम के मुताबिक होने के बावजूद उनके साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। इसके विरोध स्वरूप मंगलवार को कक्षाओं का बहिष्कार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें