प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने और औद्योगिक ढांचा बनाने के लिए सरकार निवेशकों को रियायतें और प्रोत्साहन देगी। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यह सुविधाएं दी जाएंगी। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में सरकार निवेशकों के लिए साझा औद्योगिक और सोशल ढांचा तैयार करने और इन्हें अपग्रेड करने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करेगी।
साझा एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट, कामगार महिला और पुरुष हॉस्टल, स्कूल, जांच केंद्र, जांच लैब, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर, हेल्थ केयर, टूल रूम, मनोरंजन सुविधाएं और सरकार से मान्यता प्राप्त अन्य औद्योगिक और सामाजिक केंद्रों के लिए सरकार बढ़ावा देगी। ऐसे निवेशकों को माइक्रो, लघु और मध्यम श्रेणी के निवेशकों को नई नीति के तहत बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार औद्योगिक ढांचा और थीम पार्क बनाने को अविकसित सरकारी जमीन लीज पर निजी क्षेत्र को उपलब्ध कराएगी।
औद्योगिक पार्क निजी क्षेत्र में विकसित होंगे
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेशक औद्योगिक पार्कों को विकसित करना चाहते हैं तो इन्हें निजी क्षेत्र में स्वयं चिह्नित या खरीदी भूमि में विकसित करने की स्वीकृति दी जाएगी। इसके अलावा आवंटित जमीन में भी ये पार्क तैयार किए जा सकते हैं।
इसके लिए निवेशक कैपिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी ले सकेंगे। औद्योगिक पार्क विकसित करने को ए, बी और सी श्रेणी के औद्योगिक क्षेत्रों में यह उपदान कुल खर्च राशि का 25, 40 और 50 फीसदी तक दिया जाएगा। यह ए, बी और सी श्रेणी के औद्योगिक क्षेत्रों में अधिकतम 15 करोड़, 20 करोड़ और 25 करोड़ तक की सीमा रहेगी।
ये क्षेत्र थीम पार्क विकसित करने को
सरकार ने थीम पार्क विकसित करने को अहम क्षेत्रों का चयन किया है। एग्रो, हर्बल, ज्ञान, फूड, आईटी, इलेक्ट्रिक सिस्टम डेवलपमेंट एंड मेंटेनेंस, फार्मा, टेक्सटाइल और अन्य पार्क विकसित किए जाने हैं।
केंद्र सरकारी की वित्तीय मदद के लिए कोई अन्य पार्क या काम फैसिलिटी इंडस्ट्रियल सेंटर विकसित किया जाता है तो सरकार की ओर से 40 फीसदी उपदान दिया जाएगा। ए, बी और सी श्रेणी के औद्योगिक क्षेत्रों में अधिकतम 10 करोड़, 15 करोड़ और 20 करोड़ की राशि दी जाएगी।