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तीन हजार स्कूल प्रिंसिपलों को तोहफा, सरकार देगी वित्तीय लाभ

Sat, 07 Oct 2017 03:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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विधानसभा चुनाव में जा रही सरकार स्कूलों में तैनात तीन हजार से अधिक प्रिंसिपलों को जल्द वित्तीय लाभ के साथ प्रिंसिपल के पद पर स्थायी पदोन्नति देने जा रही है। इस संदर्भ में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के अफसरशाही को सरकार ने सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। संभावित है कि अगले हफ्ते इस बाबत आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
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बीते करीब आठ सालों से प्रिंसिपलों की पदोन्नति का मामला कोर्ट में लंबित था। राज्य के स्कूलों में तैनात प्रिंसिपलों को पदोन्नति मिलने के बावजूद एडहॉक पर ही सेवानिवृत्त होना पड़ रहा है। वरिष्ठता के आधार पर शिक्षा विभाग इन्हें प्रिंसिपल तो बना रहा है, लेकिन किसी भी तरह का वित्तीय लाभ नहीं दे रहा।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों पूर्व सैनिकों की वरिष्ठता के एक मामले पर उच्च न्यायालय के उस फैसले को यथावत रखा है, जिसमें पूर्व सैनिकों की दोबारा नियुक्ति पर सेना की सेवा को वरिष्ठता में नहीं जोड़ा जाएगा। इस फैसले के आने के बाद से शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपलों को स्थायी पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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प्रदेश के स्कूलों में प्रिंसिपलों की नियुक्ति लेक्चरर और हेडमास्टर कैडर से वरिष्ठता के आधार पर होती है। उधर, स्कूल प्रिंसिपल एसोसिएशन (प्लेसमेंट) ने पदोन्नति के बाद भी वेतन बढ़ोतरी नहीं होने पर रोष जताया है।

एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष पितांबर पिर्टा ने कहा है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रिंसिपलों की सभी पदोन्नतियां प्लेसमेंट पॉलिसी के तहत की गई हैं।

पद का नाम और कार्यभार तो प्रिंसिपल का दे दिया गया है, लेकिन वेतन के नाम पर पुराने पद का वेतन ही दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 90 फीसदी प्रिंसिपल अभी भी हेडमास्टर या लेक्चरर का वेतन ले रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द वित्तीय लाभ देने की मांग की है।
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