विधानसभा चुनाव में जा रही सरकार स्कूलों में तैनात तीन हजार से अधिक प्रिंसिपलों को जल्द वित्तीय लाभ के साथ प्रिंसिपल के पद पर स्थायी पदोन्नति देने जा रही है। इस संदर्भ में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के अफसरशाही को सरकार ने सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। संभावित है कि अगले हफ्ते इस बाबत आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
बीते करीब आठ सालों से प्रिंसिपलों की पदोन्नति का मामला कोर्ट में लंबित था। राज्य के स्कूलों में तैनात प्रिंसिपलों को पदोन्नति मिलने के बावजूद एडहॉक पर ही सेवानिवृत्त होना पड़ रहा है। वरिष्ठता के आधार पर शिक्षा विभाग इन्हें प्रिंसिपल तो बना रहा है, लेकिन किसी भी तरह का वित्तीय लाभ नहीं दे रहा।
सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों पूर्व सैनिकों की वरिष्ठता के एक मामले पर उच्च न्यायालय के उस फैसले को यथावत रखा है, जिसमें पूर्व सैनिकों की दोबारा नियुक्ति पर सेना की सेवा को वरिष्ठता में नहीं जोड़ा जाएगा। इस फैसले के आने के बाद से शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपलों को स्थायी पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।