एचपीयू शिमला और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी से संबद्ध बीएड कॉलेजों के लिए एक जुलाई को आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद आगे की प्रक्रिया अटक गई है। 15 जुलाई परिणाम घोषित किया गया था। उसके बाद एचपीयू श्रेणीवार मेरिट सूची अभी तक जारी नहीं कर पाया। इसकी वजह सरकार की ओर से बीएड में प्रवेश के लिए रोस्टर का जारी न किया जाना है। दरअसल, एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए कितनी सीटें आवंटित की जानी है, यह सरकार तय करती है।
इसलिए रोस्टर आने के बाद ही एचपीयू श्रेणीवार मेरिट जारी कर पाएगा और प्रवेश के लिए काउंसलिंग और सीट आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बीएड प्रवेश परीक्षा में उपस्थित हुए करीब 20,983 छात्र-छात्राओं को इसका बेसब्री से इंतजार है। हालांकि, मंडी विवि की ओर से एचपीयू के श्रेणीवार मेरिट सूची जारी किए बिना ही 20 जुलाई को विवि से संबद्ध बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग के आवेदन आमंत्रित कर लिए थे।
एचपीयू के प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र मेहता के आदेशानुसार अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने मंडी विवि की प्रति कुलपति प्रो. अनुपमा सिंह से सरकार से रोस्टर आने, श्रेणीवार मेरिट जारी होने के बाद ही संयुक्त बीएड काउंसलिंग आयोजित किए जाने को लेकर चर्चा भी कर ली है। हालांकि, अभी तक मंडी विवि ने काउंसलिंग के लिए आवेदन आमंत्रित करने और काउंसलिंग शेड्यूल की 20 जुलाई को जारी अधिसूचना को वापस नहीं लिया है।
विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने कहा कि सरकार के रोस्टर का इंतजार है। एचपीयू उसके बाद ही मेरिट सूची जारी कर पाएगा। दोनों विवि से संबद्ध कॉलेजों के लिए संयुक्त रूप से काउंसलिंग आयोजित करने पर सहमति बनी है। एचपीयू ने 75 बीएड कॉलेजों की करीब आठ हजार सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी, तो संयुक्त काउंसलिंग की प्रक्रिया भी विवि करने को तैयार है। जैसे ही रोस्टर जारी होगा, मंडी विवि की सहमति से काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा।