भाजपा की जयराम सरकार अब प्रदेश में रह रहे सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों की सहायता के लिए उनके निवास पर चतुर्थ श्रेणी कर्मियों (चपरासी) की नियुक्ति करने की तैयारी में है। कुछ पूर्व मुख्य न्यायाधीशों के आग्रह के बाद प्रदेश सरकार ने पूर्व न्यायाधीशों को मिलने वाली सुविधाओं में संशोधन कर इसको लेकर कवायद शुरू की है।
आधिकारिक तौर पर अधिकारी बोलने से बच रहे हैं लेकिन माना जा रहा है कि इस वित्तीय वर्ष से पहले नियमों में संशोधन कर सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों को यह सुविधा दी जा सकती है। वर्तमान में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीशों को सरकार कुछ तरह की सहूलियतें प्रदान करती है। इनमें वाहन के अलावा सहयोग के लिए कर्मचारी और आवास की सुविधा शामिल हैं।
कुछ समय पहले प्रदेश में रहने वाले कुछ पूर्व मुख्य न्यायाधीशों की ओर से गृह विभाग को निवास पर सहायता के लिए चपरासी उपलब्ध कराने के लिए आग्रह किया था। वर्तमान में पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को ऐसी सुविधा देने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में अब गृह विभाग नियम बनाने पर विचार कर रही है।
नाम न लिखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि गृह विभाग नियमों में संशोधन और सुविधा मुहैया कराने को लेकर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि नियमों में कुछ बदलाव कर उसे मंत्रिमंडल के सामने भेज दिया जाएगा। जिसके बाद मंत्रिमंडल इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेगा।