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हिमाचल पर नहीं हुई ‘प्रभु’ कृपा, 450 करोड़ ही मिले

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इस बार भी हिमाचल पर ‘प्रभु’ कृपा नहीं हुई। पहाड़ी राज्य के लिए न तो नई रेललाइन का एलान हुआ और न ही बजट में कोई दरियादिली दिखाई गई। मुंबई-अहमदाबाद के लिए भले ही बुलेट ट्रेन का सपना साकार होने जा रहा हो, लेकिन हिमाचल में रेल सिंगल पटरी पर छुक-छुक ही दौड़ेगी। रेल बजट निराशाजनक ही है। प्रभु के इस बार के बजट में वर्षों से अधूरी तीन रेल लाइनों के
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विस्तारीकरण को ही 450 करोड़ रुपये के बजट का वर्ष 2016-17 के लिए प्रावधान हुआ। सात नई रेललाइनों का 70 लाख रुपये से सर्वे भी होगा, लेकिन रेल कब पटरी पर दौड़गी ‘प्रभु’ ही जानें। वहीं, पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेललाइन को ब्राडगेज करने के लिए भी सर्वे होगा। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक के नवीनीकरण के लिए भी लगभग ढाई करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सामरिक महत्त्व की मनाली-लेह रेललाइन पर प्रभु रहे खामोश, फिर अनदेखी

रेल बजट में हर बार उपेक्षित हिमाचल को इस बार प्रभु की रेल के पहाड़ चढ़ने की उम्मीद थी। सामरिक दृष्टि से अहम राष्ट्रीय महत्व की मनाली-लेह रेललाइन पर खास तौर पर प्रदेश की निगाहें टिकी थीं। हिमाचल से जुडे़ सांसदों ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु के सामने खास तौर पर इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन उनकी मांगें सिर्फ सत्ता के गलियारों से आगे नहीं बढ़ सकीं। यही कारण रहा है

कि हर साल लाखों सैलानियों की आमद वाले हिमाचल प्रदेश को रेल बजट में कुछ नहीं मिला। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बरसों से लटकी नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन के लिए 100 करोड़, चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के लिए 160 करोड़ और भानुपल्ली-बिलासपुर लाइन के लिए 190 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। हालांकि, पिछले वर्ष की अपेक्षा भले ही यह रकम ज्यादा हो लेकिन नाउम्मीदी ही हाथ लगी है।

इन नए रूटों का होगा सर्वे
परवाणू-दाड़लाघाट
बद्दी-बिलासपुर
बिलासपुर-रामपुर
अंब-कांगड़ा
पालमपुर-धर्मशाला
ऊना-हमीरपुर
जोगिंद्रनगर-मंडी

हिमाचल से अनदेखी पहली बार नहीं- बजट विशेषज्ञ डॉ. एसके शाद का कहना है कि हिमाचल से अनदेखी पहली बार नहीं है। आजादी के बाद से अब तक सिर्फ 44 किलोमीटर रेललाइन ही बिछ सकी। नंगल-तलवाड़ा ब्राडगेज रेललाइन के लिए 2005 में

तत्कालीन प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भानुपल्ली से बिलासपुर रेल लाइन के लिए साल 2010-11 में 41 करोड़ से घटाकर सिर्फ साढ़े नौ करोड़ रुपये जारी किए गए। यही वजह है कि अभी तक कोई भी काम पूरा नहीं हो सकता है।

सीएम बोले, हिमाचल के लिए निराशाजनक है रेल बजट

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने बिलासपुर-भानुपल्ली-लेह रेलमार्ग का मामला अनेक बार उठाया है, लेकिन केंद्रीय बजट में कहीं पर भी इसका उल्लेख नहीं है। ये सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वित्तीय वर्षों 2014-15 और 2015-16 की तरह इस बार भी केंद्रीय बजट में नंगल-तलवाड़ा रेललाइन के विस्तार और जोगेंद्रनगर-पठानकोट छोटी रेल लाइन को बड़ी लाइन में बदलने के लिए अपर्याप्त धन राशि दर्शाई गई है। ये केवल एक दिखावा है।

सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि पिछले 20 साल से नंगल-तलवाड़ा रेललाइन का निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्तमान रेललाइनों के विस्तार और कुछ अन्य रेललाइनों के लिए जनवरी 2016 में केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को एक आग्रह पत्र भी लिखा था। मुख्यमंत्री ने रेल बजट को खोखला एवं निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर से रेल बजट में हिमाचल प्रदेश के लोगों की आशाओं से खिलवाड़ किया गया है।

सीएम ने ठुकराया भारत-पाक मैच में जाने का न्योता- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भारत-पाकिस्तान मैच में जाने के एचपीसीए के न्योते को ठुकरा दिया है। एचपीसीए ने सीएम वीरभद्र सिंह को ऑनलाइन टिकट लांचिंग में आने का न्योता दिया था। इस पर सीएम वीरभद्र बोले कि हिमाचल का सीएम इतना सस्ता नहीं है।

उन्होंने क्रिकेट के आयोजकों पर शहीद परिवारों की भावनाओं से भी खिलवाड़ करने के आरोप लगाए। प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एचपीसीए को करारा जवाब दिया। उन्होंने फिर दोहराया कि धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान का मैच नहीं होना चाहिए। शहीदों के परिवार इसके खिलाफ हैं।

हिमाचल के लिए 51 प्रतिशत बढ़ी व्यय राशि: नड्डा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रेल बजट में बीते वर्ष के मुकाबले हिमाचल को 51 प्रतिशत अधिक व्यय राशि देने के लिए रेल मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि साल 2015-16 में 255 करोड़ की जगह साल 2016-17 में हिमाचल को 310 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।

इससे हिमाचल में रेलवे नेटवर्क विस्तार को मजबूती मिलेगी। हिमाचल के आम लोगों सहित सैलानियों को इससे लाभ होगा। पठानकोट-जोगिंद्रनगर लाइन को ब्राडगेज करने और जोगिंद्रनगर से मंडी तक नई रेल लाइन को स्वीकृति देने के लिए भी रेल मंत्री का आभार जताया गया।

केंद्र का रेल बजट सराहनीय- पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने रेल बजट की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में इतना बजट हिमाचल को नहीं दिया, जितना बजट एनडीए सरकार ने दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री सुरेश प्रभु इसके लिए बधाई के पात्र हैं।

सांसद रामस्वरूप बोले, थोड़ा मिला, और दिलाएंगे

प्रदेश को रेल बजट में भले ही कुछ खास न मिला हो लेकिन संसदीय क्षेत्र मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु की ओर से प्रस्तुत रेल बजट में हिमाचल का पूरा ख्याल रखा गया। पहली बार पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन को ब्रॉडगेज करने और जोगिंद्रनगर से मंडी तक नई रेल लाइन का सर्वे करने के लिए बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया। उन्होंने

कहा कि रेल मंत्री का यह बजट ऐतिहासिक है तथा इसमें कई तोहफे सामान्य वर्ग को दिए गए हैं। साथ ही रेल लाइन बिछने से हिमाचल में जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं उद्योगों को भी लाभ होगा। वहीं, सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि भले ही रेल बजट में विशेष योजनाएं नहीं मिलीं लेकिन कुछ रेलवे लाइनों के सर्वेक्षण का प्रावधान किया गया है। इनसे रेलवे के तंत्र को हिमाचल में आने वाले समय में मजबूती मिलने में सहायता मिलेगी।
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सांसद अनुराग ठाकुर ने रेल मंत्री का जताया आभार

केंद्र सरकार ने अपने रेल बजट में हिमाचल के लिए दिल खोल कर बजट दिया है। ऊना से तलवाड़ा तक रेललाइन के लिए 100 करोड़, भानुपल्ली-बिलासपुर के लिए 190 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। हमीरपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर ने इसके लिए रेल मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की मांगों को उन्होंने मोदी सरकार के समक्ष जोरशोर से उठाया है। इसके बाद आम रेल बजट में 290 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट से प्रदेश में रेल यातायात को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेल बजट में हिमाचल के लोगों की भावनाओं को समझते हुए पूरी तरजीह दी गई है।

भाजपा सांसद शांता ने प्रभु के बजट को बेहतर बताया- भाजपा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने वीरवार को लोकसभा में पेश हुए रेलवे बजट को बेहतर बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहली बार पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेललाइन के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। शांता ने आशा व्यक्त की है कि इन रेल प्रस्तावों के क्रियान्वयन के बाद प्रदेश में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा।
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