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शिमला फेस्टः लोक कलाकारों ने मचाया धमाल, छात्रों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां

Sat, 22 Sep 2018 10:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शिमला फेस्टिवल की दूसरी सांस्कृतिक संध्या के प्रथम चरण में शहर के स्कूली छात्रों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। बारिश से मची अफरातफरी के बावजूद इन छात्र कलाकारों के कार्यक्रम को देखने के लिए लोग छाते लेकर खड़े रहे।

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कार्यक्रम का आगाज कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल लक्कड़ बाजार की छात्राओं की पहाड़ी नाटी से हुआ। इसके बाद सेंट एडवर्ड स्कूल के छात्र कलाकारों ने तराना कथक जुगलबंदी की मनमोहक प्रस्तुति दी।

आईवीवाई के नन्हें छात्र कलाकारों के बैंड की प्रस्तुति दी। इस बीच बारिश के कारण कार्यक्रम में कुछ देर व्यवधान पड़ा। इंटर कॉलेज फ्यूजन डांस कंपीटीशन में सेंट बीड्स और संजौली कॉलेज के विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। 

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स्थानीय कलाकारों ने लोक गीतों से जमाया रंग 

बाल कथक नृत्य कला मंच कसुम्पटी के नन्हें कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सबका मन मोहा। स्कूल कॉलेज छात्रों की प्रस्तुतियों के बाद स्थानीय लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।

इनमें जय प्रकाश शर्मा, मुकेश कुमार ग्रुप योगा, कनिक जोशी, विद्या शर्मा, गुलाब सिंह, लवराज सिंह, किरण चंदेल, संगीत मेहरा, भावना कश्यप, कुलदीप चंदेल, विपिन कुमार, केके भारद्वाज और तनुजा चौहान ने लोक गीत गाए।  

फैशन शो में भी छात्रों ने बिखेरे जलबे  

शिमला फेस्टिवल की दूसरी संध्या में साढ़े सात से सवा आठ बजे तक एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी के फै शन डिजाइनिंग स्कूल के 48 छात्र-छात्राओं ने अपने तैयार किए परिधानों को फैशन परेड के जरिये दर्शकों के सामने पेश किया।

इनमें बच्चों के डिजाइन किए परिधानों को फैकल्टी के दस विद्यार्थियों ने माडलिंग कर लांच किया। मॉडलिंग में वेस्ट्रन गाउन, इंटरनेशनल ड्रेस, किड्स परेड और नेशनल ड्रेस राउंड हुए। शो के आयोजन में संस्थान के शिक्षकों प्रवीण भारद्वाज, प्रिया राणा, रेणुका शर्मा और मधु डेजी आदि ने सहयोग किया।  
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बारिश से सांस्कृतिक संध्या में खलल 

 शिमला फेस्ट-2018 की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में बारिश ने खलल डाल दिया। तेज बारिश के कारण करीब आधे घंटे तक संध्या में व्यवधान पड़ा रहा। पंडाल में लगी कुर्सियां भी खाली रहीं। बारिश के कारण करीब 15 मिनट तक प्रस्तुतियां भी रोक देनी पड़ीं।

फेस्टिवल आयोजन की ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्टेज के कोनों में खड़े होकर आश्रय लिया। दर्शकों ने कुर्सियाें को भीगने से बचाने के लिए रखे तिरपाल के नीचे शरण ली। बारिश की आशंका बावजूद प्रशासन ने दर्शकों को भीगने से बचाने के लिए कोई प्रबंधन नहीं किए हैं। 
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