बाल कथक नृत्य कला मंच कसुम्पटी के नन्हें कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सबका मन मोहा। स्कूल कॉलेज छात्रों की प्रस्तुतियों के बाद स्थानीय लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
इनमें जय प्रकाश शर्मा, मुकेश कुमार ग्रुप योगा, कनिक जोशी, विद्या शर्मा, गुलाब सिंह, लवराज सिंह, किरण चंदेल, संगीत मेहरा, भावना कश्यप, कुलदीप चंदेल, विपिन कुमार, केके भारद्वाज और तनुजा चौहान ने लोक गीत गाए।
शिमला फेस्टिवल की दूसरी संध्या में साढ़े सात से सवा आठ बजे तक एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी के फै शन डिजाइनिंग स्कूल के 48 छात्र-छात्राओं ने अपने तैयार किए परिधानों को फैशन परेड के जरिये दर्शकों के सामने पेश किया।
इनमें बच्चों के डिजाइन किए परिधानों को फैकल्टी के दस विद्यार्थियों ने माडलिंग कर लांच किया। मॉडलिंग में वेस्ट्रन गाउन, इंटरनेशनल ड्रेस, किड्स परेड और नेशनल ड्रेस राउंड हुए। शो के आयोजन में संस्थान के शिक्षकों प्रवीण भारद्वाज, प्रिया राणा, रेणुका शर्मा और मधु डेजी आदि ने सहयोग किया।
शिमला फेस्ट-2018 की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में बारिश ने खलल डाल दिया। तेज बारिश के कारण करीब आधे घंटे तक संध्या में व्यवधान पड़ा रहा। पंडाल में लगी कुर्सियां भी खाली रहीं। बारिश के कारण करीब 15 मिनट तक प्रस्तुतियां भी रोक देनी पड़ीं।
फेस्टिवल आयोजन की ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्टेज के कोनों में खड़े होकर आश्रय लिया। दर्शकों ने कुर्सियाें को भीगने से बचाने के लिए रखे तिरपाल के नीचे शरण ली। बारिश की आशंका बावजूद प्रशासन ने दर्शकों को भीगने से बचाने के लिए कोई प्रबंधन नहीं किए हैं।