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Himachal: आपदा के अधूरे प्रबंधों ने खोली दावों की पोल, 48 घंटे में चार करोड़ का नुकसान

Sun, 25 Jun 2023 06:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी)

सार

लोक निर्माण विभाग सब डिवीजन लडभड़ोल के सहायक अभियंता राहुल ने बताया कि बीते 48 घंटे में अनुमानित एक करोड़ 27 लाख का नुकसान बरसात से हुआ है।
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समखेतर गांव के पास नाले में बाढ़ आने से सड़क बह गई। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में आपदा से निपटने के अधूरे प्रबंधों ने दावों की पोल खोलते हुए बीते 48 घंटे में प्रदेश सरकार को चार करोड़ की चपत लगा दी है। मानसून से पहले बंद पड़े नालों ने खूब तबाही मचाकर अभी तक 20 से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। लडभड़ोल क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान की सूचना स्थानीय प्रशासन से मिली है।

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बारिश के पानी की सही निकासी होने से 15 घरों में मलबा घुस जाने से हजारों का नुकसान हुआ है। लडभड़ोल-सांडापत्तन और जोगिंद्रनगर सरकाघाट सड़क के कई हिस्सों की टारिंग, सुरक्षा डंगों के क्षतिग्रस्त हो जाने से लोक निर्माण विभाग सब डिवीजन लडभड़ोल को अनुमानित एक करोड 27 लाख का नुकसान दो दिन की बारिश से हुआ है।

चक्का झमेड सड़क पर पेड़ और मलबा गिरने से परिवहन निगम की बस रविवार सुबह फंस गई थी। जिसे जेसीबी मशीन से निकाला जा सका। धनोड़ साग सड़क भी बाधित हो गई थी। इसके अलावा कुछ ग्रामीण सड़कों में मलबा भर जाने यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। लोक निर्माण विभाग सब डिवीजन लडभड़ोल के सहायक अभियंता राहुल ने बताया कि बीते 48 घंटे में अनुमानित एक करोड़ 27 लाख का नुकसान बरसात से हुआ है।
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समखेतर नाले में फिर बाढ़ से बह गई सड़क
शनिवार रात को मूसलाधार बारिश से कुराटी-ढ़गौण सड़क में समखेतर गांव के पास नाले में बाढ़ आने से लोक निर्माण विभाग के पाइप, कल्वर्ट दोबारा बह जाने से सड़क का हिस्सा भी बह गया है। इस सड़क के अधीन आने वाले करीबी गांवों का संपर्क टूट गया है और अब जान जोखिम में डालकर ग्रामीण खड्ड को आर पार कर गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं।

इस नाले का करीब तीस मीटर हिस्सा बह जाने के बाद लोक निर्माण विभाग ने शनिवार देर शाम करीब सात बजे छोटे दो और चार पहिया वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी थी। रविवार को बड़े वाहनों को नाले से आर पार करवाने का कार्य शुरू होना था, लेकिन शनिवार आधी रात को फिर बाढ़ से नाले पर बिछाए तीन पाइप पानी के तेज बहाव में बह गए। इस कारण अब कुठेहड़ा, पीपली, कुराटी ,ढंगोण ,फोगला, सलेरा, मोहल, दोंथल, समखेतर सहित 20 गांवों के सैकड़ों लोगों सड़क सुविधा से वंचित हो गए हैं।

सब डिवीजन जोगिंद्रनगर के सहायक अभियंता धर्म चंद ने बताया कि अनुमानित डेढ़ करोड़ का नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। इधर बस डिपो जोगिंद्रनगर की बस भी तीन दिन से पीपली ढंगोण सड़क पर समखेतर गांव के पास रुकी हुई है। भराडू गांव के बुद्धि सिंह की रसोई को भी बारिश से नुकसान हुआ है। बारिश से हुए नुकसान से उपमंडल में जनजीवन पटरी पर लाने के लिए स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग अपनी सेवाएं दे रहा है।

भूस्खलन से चार घंटे बाधित रहा मंडी-पठानकोट एनएच
एनएच मंडी-पठानकोट मार्ग शनिवार रातभर से जारी मूसलाधार बारिश के चलते घटासनी के पास स्वाड़ नाला में मलबा आने से चार घंटे अवरुद्ध रहा। शनिवार रात साढ़े तीन बजे से बंद मार्ग में सुबह करीब साढ़े सात बजे यातायात बहाल हो पाया। इस दौरान एनएच के दोनों छोरों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे एनएच में सफर कर रहे यात्रियों को परेशान होना पड़ा।

कटिंडी-कमांद-बजौरा वैकल्पिक मार्ग भी शालगी के पास फिर पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है। यहां लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी तैनात रखी है, बंद मार्ग को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।

वहीं, मूसलाधार बारिश से द्रंग क्षेत्र के दर्जनों संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। जहां लोक निर्माण विभाग ने बंद मार्गों को बहाल करने के लिए मशीनरी भेज दी है। एनएचएआई के साइट इंजीनियर साहिल जोशी ने बताया कि स्वाड़ नाला के पास भारी-भरकम मलबा एनएच में आ गया था। सुबह 7:30 बजे जेसीबी मशीन भेज कर अवरुद्ध मार्ग बहाल कर दिया है।

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