नियोजन के नए तरीकों में दवाइयां और अन्य चीजों का प्रयोग करना शामिल है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि आधुनिकता के साथ बढ़ रहे युग में परिवार नियोजन में भी दंपती बदलाव के साथ चल रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दंपतियों की ओर से शॉर्ट टर्म तकनीकों को अपनाना बेहतर माना जा रहा है। शॉर्ट टर्म जैसे कॉपर-टी, आई पिल समेत अन्य दवाइयों को अपनाकर पुनः गर्भधारण करना भी आसान हो रहा है। अगर स्थायी तरीके, जिसमें नसबंदी पुरुष और महिलाएं करवाते थे, तो उसमें पुनः गर्भधारण करने में काफी दिक्कतें आती थीं, अब बदलाव हो गया है। वहीं, दंपती पारंपरिक तरीकों को भी अपनाने में आगे आ रहे हैं। इसमें सात फीसदी तक सर्वे में दर बढ़ गई है। नियोजन के लिए 2019-21 में पारंपरिक तकनीक को अपनाने वाले 10.8 फीसदी थे, जो कि इस वर्ष बढ़कर 17.8 फीसदी पहुंच गए हैं।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 की रिपोर्ट हाल ही में आई है। सर्वे में खुलासा हुआ है कि परिवार नियोजन के लिए नई तकनीकों को दंपती अपना रहे हैं। यह एक सकारात्मक कदम है। शॉर्ट टर्म मेथड का प्रयोग करने में काफी इजाफा हो गया है। लोगों को जागरूक भी किया जाता है। स्थायी और शॉर्ट टर्म तकनीक में अंतर भी स्पष्ट किया जाता है। -डॉ. अल्पना कौशल, डिप्टी डीएचएस, नेशनल हेल्थ मिशन