इससे उद्योग यहां बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। यही नहीं, यहां स्थापित उद्योगों का पलायन नहीं होगा, बल्कि वे विस्तार करना चाहेंगे। हिमाचल सरकार पर मौजूदा समय में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।
राज्य की अर्थव्यवस्था तंगहाली के दौर से गुजर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर राज्य में उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देकर सूबे की आर्थिकी को मजबूत करना चाहते हैं।
इसी मुहिम के तहत धर्मशाला में नवंबर में प्रस्तावित मेगा इन्वेस्टर मीट में दुनिया भर के निवेशकोें को हिमाचल बुलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम हाल ही में जर्मनी, नीदरलैंड और दुबई जैसे देशों में रोड शो कर आए हैं।
केंद्र सरकार के वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए पेश किए जाने वाले
बजट से प्रदेश के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नौकरीपेशा वर्ग को उम्मीद है कि कर मुक्त आयकर सीमा पांच लाख तक होगी।
आयकर की ऊपरी सीमा पर कटौती 20 प्रतिशत से कम कर 10 प्रतिशत हो जाएगी। अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि अंतरिम बजट की तरह ही केंद्र सरकार को आम बजट पेश करना चाहिए।
इसके तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 रुपये करनी चाहिए। मकान पर लिए गए ऋण पर आयकर सीमा में तीन लाख रुपये तक की छूट होनी चाहिए। बचत सीमा को डेढ़ लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये तक करने की कर्मचारियों ने मांग की है।