अभी बोर्ड प्रबंधन को एक माह के भीतर सरप्लस स्टाफ का ब्योरा एकत्र करने को कहा गया है। बोर्ड की समीक्षा बैठक में स्टाफ के युक्तिकरण के लिए उत्तराखंड के पैटर्न को अपनाने के आदेश दिए गए।
बताया गया कि उत्तराखंड में बिजली कंपनी का अधिक खर्च नहीं है, जबकि स्टाफ की संख्या और भौगोलिक स्थिति हिमाचल के समान है। बिजली बोर्ड में स्वीकृत पदों से अधिक नियुक्त करीब 700 अधिकारियों और कर्मचारियों को इस माह वेतन जारी नहीं होगा।
बोर्ड प्रबंधन ने सितंबर में इन सरप्लस कर्मियों को अपने डेपुटेशन रद्द करवाकर मूल नियुक्ति वाले दफ्तरों में जाने के आदेश दिए थे। ऐसा नहीं करने वालों का नवंबर महीने से वेतन रोकने का फैसला भी लिया था। अब इन कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन जारी नहीं होगा।