बारिश और बर्फबारी के मौसम में बिजली की लाइनों की मरम्मत और रखरखाव के दौरान कई बार लाइन में अचानक करंट आ जाता था। इससे कर्मचारियों को करंट लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में कर्मचारियों की मौत तक हो चुकी है। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड की ओर से खरीदे गए हाई वोल्टेज डिटेक्टर मददगार साबित होंगे।
फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश के लिए 1,984 हाई वोल्टेज डिटेक्टर खरीदे गए हैं। ये उपकरण लाइन में वोल्टेज की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम हैं। यदि लाइन में करंट या वोल्टेज मौजूद है तो डिटेक्टर अलार्म बजाने के साथ एलईडी लाइट के माध्यम से भी कर्मचारी को सतर्क करेगा। दरअसल, बिजली की लाइनों पर मरम्मत के दौरान अनजाने में बिजली की सप्लाई शुरू होने या दूसरी लाइनों से इंडक्शन के कारण वोल्टेज उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है।
बिजली बोर्ड के अनुसार 33 केवी लाइन पर मरम्मत के दौरान 13 फीट, 11 केवी लाइन पर छह फीट और 440 वोल्ट की लाइन पर चार फीट की दूरी से ही अलार्म बजने लगेगा। इसके अलावा 22 और 66 केवी लाइनों के लिए भी अलग-अलग अलर्ट दूरी निर्धारित की गई है। बिजली बोर्ड के अनुसार यह उपकरण पोर्टेबल है। ऐसे में कर्मचारी इसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले
जा सकेंगे।