प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त महीने के बिजली बिल ने कुछ राहत दी है। इस महीने आए बिजली बिल पहले से कम आए हैं। बिजली बोर्ड ने मीटर सिक्योरिटी का ब्याज उपभोक्ताओं के बिल में एडजस्ट किया है। 8.5 फीसदी की दर से उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी का ब्याज लौटाया जा रहा है। इससे प्रति बिजली बिल में 50 से 100 रुपये तक बिल कम हुआ है।
बिजली बोर्ड हर साल जुलाई से सितंबर महीने के दौरान उपभोक्ताओं को बिजली मीटर की सिक्योरिटी का ब्याज लौटाता है। कई उपभोक्ताओं को यह ब्याज दे भी दिया गया है। शेष के बिजली बिलों में ब्याज की राशि को जोड़ने का काम जारी है। बिजली का नया कनेक्शन लेने के समय बोर्ड उपभोक्ताओं से मीटर की सिक्योरिटी राशि लेता है।
इस राशि पर मिलने वाले ब्याज को बोर्ड उपभोक्ताओं को लौटा देता है। जुलाई से सितंबर महीने के बाद यह ब्याज राशि लौटाई जाती है। इन दिनों राजधानी शिमला के कई उपभोक्ता बिजली बिल पर मिले डिस्कांउट को देखकर हैरान भी हैं। कई उपभोक्ताओं ने छूट को बिजली बोर्ड की गलती मानते हुए बोर्ड के दफ्तरों में जाकर मामले की शिकायत भी की है।
इस पर बोर्ड अफसरों से मिली जानकारी से उपभोक्ताओं के चेहरे खिल उठे हैं। महंगाई के इस दौर में बिजली बिल में छूट मिलने से लोग काफी खुश हैं। उधर, बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पीसी नेगी ने बताया कि हर साल उपभोक्ताओं की ओर से जमा करवाई गई सिक्योरिटी राशि का ब्याज बिजली बिल में जमा किया जाता है। इससे उपभोक्ताओं के बिल की राशि कुछ कम हो जाती है। इन दिनों प्रदेश में उपभोक्ताओं को यह ब्याज लौटाया जा रहा है।