हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार पूर्व मंत्रियों, पूर्व मंत्री पुत्री-पुत्रों को हार का मुंह देखना पड़ा है। कांग्रेस पार्टी की ओर से हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री रंजीत सिंह के बेटे पुष्पेंद्र वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया, लेकिन यहां निर्दलीय आशीष कुमार विजयी हुए हैं। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री रहे कौल सिंह ठाकुर खुद भी और उनकी बेटी चंपा ठाकुर भी चुनाव हारी हैं। कांग्रेस की ओर से उनकी बेटी को मंडी सदर से चुनाव मैदान में उतारा गया था, यहां भाजपा के प्रत्याशी अनिल शर्मा विजयी हुए हैं।
इसी तरह पूर्व मंत्री मनसा राम के बेटे करसोग से कांग्रेस प्रत्याशी रहे महेश को भी हार का मुंह देखना पड़ा है। इस सीट से भाजपा के दीपराज विजयी हुए हैं। भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे स्व. ईश्वर दास धीमान के बेटे अनिल धीमान भी चुनाव हारे हैं, इन्हें कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश कुमार ने पराजित किया है। धर्मपुर विधानसभा में निवर्तमान मंत्री महेंद्र सिंह के बेटे रजत ठाकुर को भी हार का सामना करना पड़ा है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी चंद्र शेखर ने जीत हासिल की है।
वीरभद्र सिंह और बाली के बेटे जीते
हिमाचल विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य विजयी हुए हैं। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें शिमला ग्रामीण से प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को रवि मेहता को पराजित किया है वहीं नगरोटा बगवा में कांग्रेस पार्टी ने पूर्व मंत्री रहे स्व. जीएस बाली के बेटे रघुवीर सिंह बाली विजयी हुए हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अरुण कुमार को पराजित किया है।