कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में नोटा को 6,372 वोट पड़े हैं। यहां बहुजन समाज पार्टी की रक्षा चौधरी ने 7753 वोट से ज्यादा वोट लेकर दमखल दिखाया है। वहीं अखिल भारतीय परिवेश पार्टी के जीवन कुमार को 1476, हिमाचल जनता पार्टी के नवीन सिंह को 1171, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के भुवनेश कुमार को 756, राष्ट्रीय समाज दल के देवराज को 607, अंचल सिंह को 545, संजय शर्मा को 2319 और केयर सिंह को 2178 वोट मिले हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र की बात करें तो यहां नोटा को 5645 वोट पड़े हैं। यहां बहुजन समाज पार्टी के प्रकाश चंद को 4393, राष्ट्रीय देव भूमि पार्टी के नरेंद्र कुमार को 2447, अखिल भारतीय परिवेश पार्टी के विनय कुमार को 690, हिमाचल जनता पार्टी के महेश को 654, दिनेश कुमार को 381, आशुतोष को 286 वोट पड़े हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र की बात करें तो यहां नोटा को 5,930 वोट पड़े हैं। बहुजन समाज पार्टी के अनिल को वोटा से ज्यादा 6500 वोट पड़े हैं वहीं राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के सुरेश कुमार को 4814, अखिल भारतीय परिवेश पार्टी के मदन लाल को 4676 वोट मिले हैं।
कंगना रणौत के घर दिन भर बधाई देने वालों का लगा तांता, आज दिल्ली जाएंगी
देशभर में चर्चित सीट मंडी से नवनिर्वाचित सांसद कंगना रणौत को दिनभर बधाइयां मिलती रही। लोगों का भांबला स्थित उनके आवास में लगातार आना जाना रहा। वह वीरवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगी और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगी। बुधवार को केंद्रीय नेतृत्व ने कंगना को जीत के लिए मोबाइल पर शुभकामनाएं दीं।
कश्यप के घर भी दिन भर रही आवाजाही
लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद भाजपा सांसद सुरेश कश्यप का पूरा दिन बुधवार को नाहन वाले घर में बीता। घर पर उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहा। दिन भर लोग आते रहे और उन्हें बधाई देते रहे।
30 दिन में देना होगा चुनाव में किए गए खर्च का ब्योरा
लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव के प्रचार में हुए खर्च का ब्योरा प्रत्याशी को देना होगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए 30 दिन तय किए हैं। राज्य निर्वाचन विभाग के निर्देशों के मुताबिक अगर कोई प्रत्याशी खर्चे का लेखा जोखा तय समय में उपलब्ध नहीं करवाता है तो उसे अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है। राज्य मुख्य निर्वाचन ने कहा है कि लोकसभा चुनाव और उपचुनाव का परिणाम घोषित होने से लेकर 30 दिन के अंदर सभी प्रत्याशियों को जिला निर्वाचन अधिकारी के पास चुनाव में हुए खर्च का लेखा-जोखा उपलब्ध करवाना होगा। इसको जिला निर्वाचन अधिकारी सभी उम्मीदवार या उनके इलेक्शन एजेंट के साथ बैठक कर सकते हैं। प्रत्याशी नामांकन के समय दिए गए विभिन्न रजिस्टर और बिल आदि के माध्यम से अपने लेखा-जोखा प्रस्तुत कर सकेंगे।