विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बल पर ही आई है। राहुल गांधी हिमाचल में कांग्रेस की लाज नहीं बचा पाए हैं। मोदी ने प्रदेश के पांच जिलों में सात रैलियां कीं। यहां भाजपा के प्रत्याशी प्रत्याशित जीते हैं। राहुल गांधी चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में आए और एक दिन में तीन रैलियां की।
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जिन क्षेत्रों में रैलियां की वहां कांग्रेस अपनी लाज बचाने में ही नाकामयाब रही। यहां तक कि कांगड़ा के नगरोटा में कांग्रेस के दिग्गज मंत्री भी हार गए। विस चुनाव की घोषणा से पहले राहुल गांधी छोटी काशी मंडी में आए, लेकिन यहां कांग्रेस का सूपड़ा ही साफ हो गया।
पार्टी सभी 10 सीटें हार गई। कांगड़ा जिले में भी भाजपा को जबरदस्त फायदा तो कांग्रेस हो चित होना पड़ा। चंबा में भी कांग्रेस को नुकसान ही हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल में 2 नवंबर से चुनावी रैलियां शुरू कीं।
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मोदी की रैली से भाजपा के खाते में आई सीटें
उनकी पहली रैली जिला कांगड़ा के फतेहपुर, 4 नवंबर को दूसरी रैली जिला कांगड़ा के ही शाहपुर और इसी दिन जिला मंडी के सुंदरनगर और तीसरी ऊना और कांगड़ा जिले के पालमपुर और जिला कुल्लू में की हुई।
इन चार जिलों में भाजपा की झोली में ढाई दर्जन सीटें आई हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी 7 नवंबर को हिमाचल में चुनावी रैलियां करने आए। उन्होंने पहली रैली जिला सिरमौर के पांवटा, चंबा और तीसरी कांगड़ा जिले के नगरोटा में की। इन जिलों में कांग्रेस को एक दर्जन सीटें मिली हैं।
मोदी की रैली से भाजपा के खाते में आई सीटें
नूरपुर, ज्वाली, जसवां, ज्वालामुखी, जयसिंहपुर, सुलह, शाहपुर, धर्मशाला, बैजनाथ, इंदौरा, नगरोटा, चिंतपूर्णी, गगरेट, कुटलैहड़, बंजार, आनी, मनाली, पच्छाद, नाहन, पांवटा
मंडी जिला : कांग्रेस का सूपड़ा साफ
जिला चंबा में कांग्रेस को डलहौजी से ही एक सीट
जिला कांगड़ा में फतेहपुर, पालमपुर, कांगड़ा में ही तीन सीटें
जिला सिरमौर में रेणुका, शिलाई में ही दो सीटें आईं
जहां नहीं चला मोदी का सिक्का
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहली रैली कांगड़ा जिले के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र में तय की गई थी। इस सीट से भाजपा उम्मीदवार इंदु गोस्वामी चुनाव मैदान में थी, लेकिन इस सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है।