पोलिंग बूथ दूर होने के चलते पैरों में होता था दर्द : कृष्णावती
लोअर बाजार की 86 वर्षीय कृष्णावती ने बताया कि पहली बार घर पर मतदान करने की सुविधा मिली है। पहले पोलिंग बूथ दूर होने के चलते पैदल चलते समय पैरों में दर्द होता है, ऐसे में पिछली बार लोकसभा चुनाव में वोट नहीं दे सकीं। लेकिन होम वोटिंग की सुविधा से इस बार वह लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए वोट डाल पाईं।
पहले 500 मीटर जाना पड़ता था मतदान करने
पहले वोट डालने के लिए करीब 500 मीटर दूर स्कैंडल प्वाइंट पर स्थापित पोलिंग बूथ पर जाना पड़ रहा था। लेकिन, अबकी बार घर पर मिली मतदान करने की विशेष सुविधा का फायदा उन्हें मिला है और इस तरह से वह लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे पाए। -डॉ. प्यारे लाल (87), लोअर बाजार।
कांगड़ा में 1,173 बुजुर्गों, दिव्यांगों ने डाले वोट
कांगड़ा जिले में मंगलवार को करीब 1,173 बुजुर्गों, दिव्यांगों ने घर से वोट डालने की सुविधा का लाभ उठाया। जिला निर्वाचन अधिकारी हेमराज बैरवा ने बताया कि यह जानकारी देते हुए बताया कि कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में घर से मतदान करवाने के लिए 151 टीमें तैनात की गई हैं। संसदीय क्षेत्र में 10,890 ने घर से मतदान का विकल्प चुना है।
शिमला संसदीय क्षेत्र में 2136 ने किया मतदान
जिला शिमला में मंगलवार को पहले दिन 918 बुजुर्गों और दिव्यांगों ने घर से मतदान करने सुविधा का लाभ उठाया। सिरमौर जिले में 661, सोलन में 557 मतदाताओं ने अपने घर से मतदान किया। शिमला जिले में 8,049 और सिरमौर में 2,130 मतदाताओं ने घर से मतदान करने के लिए निर्वाचन विभाग के पास आवेदन किया है।