प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने और बाहरी राज्यों से प्रतिबंधित शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए राज्य चुनाव विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से 67 कंपनियां मांगी हैं।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने और बाहरी राज्यों से प्रतिबंधित शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए राज्य चुनाव विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से 67 कंपनियां मांगी हैं। एक कंपनी में 80 से 100 जवान होते हैं। करीब साढ़े छह हजार जवान चुनाव के दौरान सेवाएं देंगे। जवानों की तैनाती पड़ोसी राज्यों के साथ लगती हिमाचल की सीमाओं और मतदान केंद्रों में होगी। संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में भी यह कंपनियां तैनात रहेंगी। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में हिमाचल में 65 कंपनियों की सेवाएं ली गई थीं। वर्ष इस बार 67 कंपनियां बुलाई जा रही हैं।
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हिमाचल में विधानसभा चुनाव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिलों की सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है। बाहरी राज्यों से आने वाली हर गाड़ी की चेकिंग की जा रही है। सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा गया है। पैसे के लेन-देन को लेकर भी प्रवर्तन निदेशालय ने सतर्क रहने को कहा है। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी शराब तस्करी को लेकर जिलों की सीमाओं पर छापे मार रहे हैं। मतदान केंद्रों में दो दिन पहले ही हिमाचल पुलिस और कंपनियों के जवान तैनात हो जाएंगे। मतदान केंद्रों और वोटिंग मशीनें इनकी निगरानी में भेजी और लाई जाएंगी।