हिमाचल प्रदेश में पांच साल बाद सरकार बदलने का रिवाज बदलेगा या फिर जयराम सरकार का राज बदलेगा। यह गुरुवार को होने जा रही मतगणना से तय होगा। प्रदेश विधानसभा के चुनावी नतीजे वीरवार 8 दिसंबर को आएंगे। मतगणना सुबह 8:00 बजे शुरू होगी। इससे चुनाव लड़ने वाले 412 प्रत्याशियों के भविष्य पर निर्णय होगा। मतगणना के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। कुछ मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा बल ड्रोन का इस्तेमाल भी करेंगे। राज्य की चौदहवीं विधानसभा के लिए 12 नवंबर को मतदान हुआ था। 8 दिसंबर को सुबह 8:00 बजे 68 केंद्रों पर कड़े सुरक्षा घेरे और सीसीटीवी की कड़ी निगरानी में मतगणना शुरू होगी।
पहले मतपत्रों की गिनती की जानी है। इसके बाद ईवीएम के वोट गिनेंगे। साथ ही वीवीपैट की पर्चियों की जांच चुनाव पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगी। स्थान और सुविधा देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी इस बात को खुद तय करेंगे कि इसके लिए 12 या 14 कितने काउंटिंग टेबल लगाने हैं। एक टेबल पर भारतीय निर्वाचन आयोग ने दो-दो कर्मचारी नियुक्त किए हैं। हर मतदान केंद्र पर लगभग 50 कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। इनमें स्टैंड बाई कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। वहीं, मतगणना से एक दिन पहले बुधवार को ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे चरण का प्रशिक्षण दिया गया।
मतगणना से पहले प्रदेश के बॉर्डर सील
- हिमाचल के पड़ोसी राज्यों खासकर पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और यूूूटी चंडीगढ़ के बॉर्डर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने बार्डर में चौकसी के साथ चैकिंग भी बढ़ी दी है। साथ ही मतगणना पूरी होने तक शराब के ठेके भी बंद कर दिए हैं।
388 पुरुषों और 24 महिलाओं ने लड़ा चुनाव
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 412 में से 388 पुरुष और 24 महिला प्रत्याशी हैं।
7881 मतदान केंद्रों पर हुआ था मतदान
12 नवंबर को 7,881 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ था। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने सभी 68-68 सीटों पर उम्मीदवार खडे़ किए, जबकि आम आदमी पार्टी ने द्रंग विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी 67 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। वाम दलों ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा। बसपा, देवभूमि पार्टी समेत कई दलों ने भी उम्मीदवार दिए। बड़ी संख्या में निर्दलियों ने भी भाग्य आजमाया है।
चुनाव आयोग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर 1950
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में मतगणना संबंधी सूचना एवं शिकायतें प्राप्त करने के लिए एक प्रणाली स्थापित कर दी है। साथ ही मतगणना शुरू होने से पहले हेल्पलाइन नंबर 1950 शुरू किया है। यह जानकारी सीईओ मनीष गर्ग ने दी। आयोग सूचना के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करेगा, जिसके लिए प्रत्येक मतगणना केंद्र पर एक संचार कक्ष स्थापित किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) सूचना के प्रसार के लिए विभिन्न जिलों में स्थापित मतगणना केंद्रों पर सुचारू संचार सुविधा सुनिश्चित करेंगे। मतगणना के रुझानों की जानकारी नई मीडिया पहल जैसे वेब पोर्टल, एप्लिकेशन जैसे वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगी जो गूगल प्ले स्टोर और www.results.eci.gov.in पर उपलब्ध है। हिमाचल के नतीजों का यह लिंक मतगणना के दिन यानी 8 दिसंबर, 2022 को सक्रिय हो जाएगा।
इस बार मतदान के टूटे रिकॉर्ड
बता दें इस बार प्रदेश के मतदाताओं ने अब तक हुए विधानसभा चुनाव के सभी मतदान के रिकॉर्ड इस बार तोड़ दिए। 12 नवंबर को रिकॉर्ड 75.6 फीसदी वोट पड़े हैं। सर्विस वोटर जुड़ने के बाद मतदान का आंकड़ा 76 फीसदी तक पहुंच सकता है। इससे पहले पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा 75.57 फीसदी वोट पड़े थे।