हिमाचल प्रदेश में 68 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को मतदान किया जाएगा। प्रदेश भर में बनाए गए 7,881 मतदान केंद्रों में सुबह 8:00 से शाम 5:00 बजे तक वोट डाले जाएंगे। 8 दिसंबर को चुनाव नतीजे घोषित होंगे। मतदाता चुनावी मैदान में उतरे भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), माकपा, बसपा और निर्दलीय समेत 412 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। प्रदेश में कुल 55,92,828 मतदाताओं में से 28,54,945 पुरुष, 27,37,845 महिलाएं और 38 थर्ड जेंडर हैं। आपका वोटर आईडी कार्ड कहीं गुम हो जाता है तो फिर आप कैसे वोट डालेंगे? ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, बल्कि आपको सबसे पहले अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक करना है। मतदाता सूची में नाम होने पर कुछ जरूरी दस्तावेज के साथ मतदान केंद्र पर वोट डाल सकते हैं।
मतदान करने के लिए ये दस्तावेज मान्य
- आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक और डाकघर की ओर से जारी पासबुक
- श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड
- एनपीआर के तहत आरजीआई की ओर से जारी स्मार्ट कार्ड
- भारतीय पासपोर्ट
- फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज
- राज्य और केंद्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की ओर से कर्मचारी को जारी पहचान पत्र
- सांसदों विधायकों, विधान परिषद सदस्यों की ओर से जारी पहचान पत्र
आदर्श मतदान केंद्रों में यह होगी सुविधा
- आदर्श मतदान केंद्रों में प्राथमिक उपचार की होगी सुविधा
- मतदान कर्मियों और एजेंटों के लिए बैठने की होगी व्यवस्था
- मतदान केंद्रों में स्थापित होंगे सांकेतिक बोर्ड
- मतदाताओं के स्वागत के लिए लालकालीन और पुष्प भेंट होंगे
- शौचालय की होगी व्यवस्था
- मतदान केंद्र पर क्रैच की होगी सुविधा
मतदान कर अपनी पसंद की सरकार बनाएं : आर्लेकर
रामपुर बुशहर। लोकतंत्र तभी सफल हो सकता है, जब आप इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इसलिए चुनाव में मतदान करना जरूरी है। यह बात अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के शुभारंभ पर प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कही। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए अपने अनुसार अपनी सरकार को लाने का सभी को मौका मिला है। यह मतदान सभी के लिए विकास और विचारों के स्वरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सफल होगा, जब हम इस लोकतंत्र में शामिल होंगे।