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हिमाचल चुनावः धूमल ही नहीं उनके इन करीबियों को भी मिली करारी शिकस्त

Tue, 19 Dec 2017 03:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में 48 प्रतिशत से अधिक का मतदान हुआ, लेकिन प्रेम कुमार और उनके कई करीबियों को हार का सामना करना पड़ा। अगली सरकार में धूमल खेमे की कमजोर स्थिति बनती दिख रही है। 
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मुख्यमंत्री चेहरा घोषित होने के बावजूद धूमल हार गए, जबकि नड्डा और शांता खेमे का प्रदर्शन कहीं बेहतर रहा। यह धूमल खेमे के लिए अच्छे संकेत नहीं माने जा रहे हैं। इसका असर 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

ये करीबी हारे चुनाव

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती धूमल के निकट माने जाने हैं। अध्यक्ष होने के बावजूद उनकी हार के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनकी सीट ऊना धूमल के पुत्र सांसद अनुराग के संसदीय क्षेत्र में आती है। अनुराग भी प्रचार के दौरान उनके साथ दिखाई दिए। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सीट पर जनसभा की, लेकिन वे जीत नहीं पाए। धूमल की सुजानपुर सीट के साथ देहरा की सीट से रविंद्र रवि भी उनके करीबियों में हैं। रवि भी अनुराग के संसदीय क्षेत्र में आते हैं, लेकिन वे भी सीट नहीं बचा पाए।
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धूमल के ये समधी भी हारे

धूमल के समधी गुलाब सिंह ठाकुर की जोगिंद्रनगर में निर्दलीय प्रकाश राणा से मिली हार बड़ा झटका है। माना जा रहा था कि धूमल अगर जीतकर मुख्यमंत्री बनते तो इन तीनों को कैबिनेट में जगह मिलती। 

हालांकि, उनके कुछ करीबी जीते हैं, लेकिन धूमल के हारने से उनका सियासी वजूद कम होगा। उधर, शांता ने कांगड़ा और चंबा जिले में अपने करीबियों को टिकट दिलवाने से जिताने का दम दिखाया। नड्डा का बिलासपुर में प्रदर्शन अच्छा रहा। उनके करीबियों में जयराम ठाकुर और राजीव बिंदल जैसे नेता भी माने जाते हैं, जिनकी जीत हुई है। 
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