सूबे में अब सेवा विस्तार पाने वाले राष्ट्रीय और राज्य अवार्डी शिक्षकों को महज फिक्स वेतन मिलेगा। सेवानिवृत्त से पूर्व मिलने वाला वेतन और अन्य वित्तीय लाभ प्रदेश सरकार की ओर से बंद कर दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद विशेष सचिव शिक्षा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में चार सदस्यीय कमेटी ने इसे मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार और शिक्षा समिति की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अब शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
दबी जुबान में सरकार के इस फैसले का विरोध भी हो रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित शिक्षक को दो वर्ष का सेवा विस्तार और राज्य शिक्षक अवार्ड से सम्मानित शिक्षक को एक साल का सेवा विस्तार मिलता है। वर्ष 1985 से राष्ट्रीय और राज्य शिक्षक अवार्ड से सम्मानित शिक्षकों को सम्मान और सामाजिक पहचान के मकसद से दो और एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया जाता रहा है। सेवा विस्तार पाने वाले शिक्षकों को सेवारत रहते जो वेतन मिलता था, सेवा विस्तार पर भी वही वेतन दिया जाता था, लेकिन अब फिक्स वेतन मिलेगा।
नई अधिसूचना के अनुसार जेबीटी शिक्षकों, मुख्य शिक्षकों, केंद्रीय मुख्य शिक्षकों, टीजीटी, पीईटी और सीएंडवी शिक्षकों को 20 हजार रुपये मासिक फिक्स वेतन मिलेगा। इसी तरह स्कूल लेक्चरर, पीजीटी, शारीरिक शिक्षक (डीपीई) और मुख्यध्यापकों को 25 हजार रुपये मासिक फिक्स वेतन मिलेगा। जबकि स्कूल और स्कूल प्रधानाचार्यों को 30 हजार रुपये फिक्स वेतन मिलेगा। अगर कोई शिक्षक सेवा विस्तार का इच्छुक नहीं हो तो राष्ट्रीय अवार्डी शिक्षक को एकमुश्त 60 हजार रुपये और राज्य स्तरीय शिक्षक अवार्डी को 40 हजार रुपये एकमुश्त नकद इनाम राशि प्रदान की जाएगी।