रंगस (हमीरपुर)। बिजली उपमंडल रंगस के अंतर्गत आने वाली 33 केवी बिजली लाइन के बरसों पुराने खंभे और कंडक्टर बदलने का कार्य बरसात के मौसम में ठेकेदार के माध्यम से विभाग करवा रहा है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। खैरी क्षेत्र के किसानों ने विभाग पर मनमानी के आरोप लगाए हैं। इनका कहना है कि बरसात के मौसम में मक्की की फसल के अलावा अन्य कीमती लकड़ी व फलदार पौधे पूरे यौवन पर होते हैं। ऐसे सीजन में किसानों के खेतों में घुस कर न केवल किसानों की फसल बर्बाद होती है बल्कि कई तरह के कीमती पेड़ पौधे कटने से पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। किसान राजमल अतुल एवं विजय सिंह अतुल ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से खेतों में मक्की की भरपूर फसल उगने के बाद भी पोल शिफ्टिंग का कार्य ठेकेदार के माध्यम से करवाया जा रहा है। इससे जहां शिफ्टिंग के अंतर्गत आने वाली मक्की की फसल पूरी तरह बर्बाद हुई है। वहीं, ठेकेदार की ओर से पहले वाली जगह पर इंस्टॉल किए खंभों की लोकेशन भी बदली गई है। जिससे भविष्य में फसल का बीजना भी मुश्किल हो सकता है। किसानों ने अपनी जमीन में बेशकीमती सागवान और तुणी के पौधे लगा रखे थे। उनको भी कार्य में लगे ठेकेदार के लोगों ने काटकर तहस-नहस कर दिया है। इससे लाखों का नुकसान हुआ है। यदि विभाग की ओर से इस कार्य को करवाना जरूरी था तो फसल उगने से पूर्व या कटने के बाद भी करवाया जा सकता था। इस बारे में बिजली उपमंडल रंगस के सहायक अभियंता संदीप ने कहा कि किसानों की समस्या को लेकर हाल ही में सूचना मिली है और मौके पर जाकर समस्या के बारे किसानों से बात हुई है। शीघ्र ही भूमि मालिकों से बात करके इसका समाधान निकालकर ही ठेकेदार से अगला कार्य करवाया जाएगा। विभाग नहीं चाहता कि किसी भी निजी भूमि मालिक की फसल का कोई भी नुकसान हो।