देश में बिजली संकट से हिमाचल प्रदेश की चांदी हो रही है। बिजली की बढ़ती मांग के चलते प्रदेश की कमाई बढ़ गई है। एक माह पहले तक प्रदेश को महज साढ़े तीन रुपये प्रति यूनिट विद्युत बेचनी पड़ रही थी।
अब नॉर्थ ग्रिड को दी जा रही बिजली के ही प्रति यूनिट पांच रुपये मिले रहे हैं। इस साल प्रदेश को बिजली की यह सर्वाधिक कीमत मिली है। हिमाचल को इस साल बिजली के कम खरीददार मिले हैं। प्रदेश में मार्च से ही पांच से छह सौ मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन हो रहा है।
केवल पंजाब ने लगातार तीन महीने के लिए बिजली खरीदी है। इसके अतिरिक्त अन्य राज्य छिटपुट बिजली खरीदते रहे हैं। ऐसे में प्रदेश को हर माह 300 से 400 मेगावाट बिजली रोजाना नार्थ ग्रिड में डालनी पड़ी, जिसकी कीमत तीन से लेकर चार रुपये प्रति यूनिट तक ही मिल पाई।