फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: पेयजल स्रोतों की होगी जांच, जिला स्तर पर कमेटियां गठित करने के दिए निर्देश

Wed, 01 Jul 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

जल शक्ति विभाग को जिला स्तर पर अधिकारियों की कमेटियां गठित होंगी। ये कमेटियां प्रदेशभर में बावड़ियों, हैंडपंपों और अन्य पेयजल स्रोतों के पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगी। 
विज्ञापन
पेयजल स्रोत(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर राज्य सरकार ने सभी प्राकृतिक एवं कृत्रिम पेयजल स्रोतों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जल शक्ति विभाग को जिला स्तर पर अधिकारियों की कमेटियां गठित होंगी। ये कमेटियां प्रदेशभर में बावड़ियों, हैंडपंपों और अन्य पेयजल स्रोतों के पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगी तथा उनकी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगी। जल शक्ति विभाग का मानना है कि लोगों को बरसात में लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए यह फैसला लिया गया है। जांच के दौरान जिन जल स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं पाया जाएगा, वहां स्पष्ट रूप से सूचना पट्टिकाएं लगाई जाएंगी, ताकि स्थानीय लोग और पर्यटक ऐसे स्रोतों का पानी पीने से बच सकें। इन पट्टिकाओं पर पानी के उपयोग को लेकर आवश्यक चेतावनी भी अंकित की जाएगी।

विज्ञापन
Trending Videos

चार हजार से अधिक पेयजल योजनाएं संचालित

प्रदेश में वर्तमान समय में जल शक्ति विभाग की चार हजार से अधिक पेयजल योजनाएं संचालित हैं, जिनके माध्यम से लाखों लोगों को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में 40 हजार से ज्यादा हैंडपंप स्थापित हैं, जिनका उपयोग बड़ी संख्या में लोग दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं। कई स्थानों पर प्राकृतिक बावड़ियां और चश्मे भी पेयजल का प्रमुख स्रोत हैं। सरकार को विभिन्न क्षेत्रों से बरसात के दौरान पानी के दूषित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। विशेषकर मानसून के मौसम में मिट्टी, गाद और अन्य अशुद्धियों के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी जिलों में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन

जल स्रोतों की स्वच्छता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण होगा

जल शक्ति विभाग की जिला स्तरीय कमेटियां पानी के नमूनों की जांच के साथ-साथ जल स्रोतों की स्वच्छता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण करेंगी। जहां आवश्यक होगा, वहां जल स्रोतों के सुधार, सफाई और मरम्मत के लिए भी कार्रवाई की जाएगी। जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव अभिषेक जैन ने कहा कि समय पर जांच और प्रभावी निगरानी से जलजनित बीमारियों की रोकथाम के साथ लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। लोगों को स्वच्छ पानी देने के लिए पेयजल स्कीमों की जांच पड़ताल की जाएगी। पेयजल स्रोतों के आसपास साफ सफाई के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बरसात के दौरान पेयजल स्रोतों में गाद आती है। इससे निपटने के लिए विभाग को ठोस कदम उठाने को कहा गया है। जांच के दौरान जिन जल स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं पाया जाएगा, वहां स्पष्ट रूप से सूचना पट्टिकाएं लगाई जाएंगी, ताकि स्थानीय लोग और पर्यटक ऐसे स्रोतों का पानी पीने से बच सकें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें