स्कूल भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से रंगा जाएगा
इसके साथ ही स्कूल भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से रंगा जाएगा, जिससे सभी स्कूलों की एक अलग और एकरूप पहचान स्थापित हो सके। सरकार ने शिक्षकों के लिए औपचारिक, शालीन और पेशेवर ड्रेस कोड को भी अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। ड्यूटी के दौरान शिक्षकों को पहचानपत्र पहनना होगा और न्यूनतम सहायक वस्तुओं का उपयोग करना होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों में अनुशासन, पेशेवर संस्कृति और संस्थागत छवि मजबूत होगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को घर के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
80 करोड़ रुपये जारी किए
इसी कड़ी में सीबीएसई स्कूलों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये और उपलब्ध करवाने का भी निर्णय लिया गया है। चिकित्सकीय आवश्यकता, दिव्यांगता और गर्भावस्था जैसी परिस्थितियों में स्कूल प्रमुख की मंजूरी से उचित समायोजन की अनुमति दी जा सकेगी। ड्रेस कोड का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रमुखों की होगी, जबकि इसकी निगरानी उपनिदेशक स्कूल शिक्षा (गुणवत्ता) करेंगे। ड्रेस कोड सरकारी सीबीएसई स्कूलों में सभी शिक्षकों पर लागू होगा, चाहे उनकी सेवाएं नियमित हों या अन्य आधार पर ली जा रही हों।
स्कूलों को मिलेगी मजबूत ब्रांड पहचान
सरकार का मानना है कि नई यूनिफॉर्म और रंग योजना केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकारी सीबीएसई स्कूलों को एक मजबूत ब्रांड पहचान मिलेगी। इससे विद्यार्थियों में अपने स्कूल के प्रति जुड़ाव और गर्व की भावना भी बढ़ेगी तथा सरकारी स्कूलों की आकर्षण क्षमता में इजाफा होगा। बैठक में विधायक सुरेश कुमार, चंद्रशेखर और नीरज नैय्यर, हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पुरुष शिक्षकों की ड्रेस में नेवी ब्लू प्रमुख रंग
पुरुष शिक्षकों के लिए ड्रेस में नेवी ब्लू शर्ट और ब्लेजर के साथ काली बेल्ट, ग्रे/नेवी ब्लू मोजे और काले जूते निर्धारित किए गए हैं। ठंड के मौसम में नेवी ब्लू स्वेटर भी पहना जा सकेगा। विभाग ने पगड़ी, कैप और ग्लव्स के लिए भी नेवी ब्लू रंग निर्धारित किया है। ब्लेजर की बाईं छाती की जेब पर विभाग की ओर से निर्धारित लोगो लगाया जाएगा। जिन ब्लेजरों में जेब नहीं होगी, वहां समान स्तर पर लोगो लगाया जाएगा।