इधर, रविवार को भरमौर में फंसे 3,500 मणिमहेश यात्री निकाले गए। अभी भी जिले में चार से पांच हजार तक श्रद्धालु हड़सर, चंबा और भरमौर के बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। रविवार को इन यात्रियों को एचआरटीसी की 26 बसों और अन्य वाहनों में पठानकोट, कांगड़ा और अन्य स्थानों की ओर भेजा गया। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से भरमौर से पैदल ही जांघी तक श्रद्धालुओं को भेजा जा रहा है।
जहां से आगे एचआरटीसी की निशुल्क बस सेवा, निजी बसों, स्कूली बसों, टैक्सियों और माल वाहक वाहनों के जरिये श्रद्धालुओं को जिला कांगड़ा, ऊना, मंडी समेत अन्य जिलों में पहुंचाया जा रहा है। उधर, कुल्लू-मनाली एनएच छह दिन बाद भी बंद है। हालांकि, मनाली के लिए वाया वामतट से होकर बड़े वाहनों के लिए मार्ग को बहाल कर दिया गया है। इससे कुछ राहत मिली है।