सूचना मिलने के बाद सुबह करीब छह बजे सदर थाना प्रभारी सुनील कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुसाइड नोट में दर्ज घर के पते के आधार पर परिजनों को सूचना दी। इसके बाद शव को पेड़ से नीचे उतारा गया। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। परिजनों के अनुसार राजपाल ने एक स्थानीय बैंक समेत कई लोगों से करीब 25 लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। कर्ज चुकाने में असमर्थ होने के कारण वह पिछले कुछ समय से परेशान था। बताया जा रहा है कि राजपाल पहले कारोबार करता था।
बताया जा रहा है कि राजपाल प्रशासन के समक्ष कर्ज माफी की गुहार लगाने के लिए पिछले दो दिन से जिला मुख्यालय में ही रह रहा था। इसी दौरान उसने यह कदम उठा लिया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसने तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच फंदा लगाया। राजपाल के छोटे बेटे रविकांत की अभी शादी नहीं हुई है। बड़ा बेटा ललित अपने परिवार के साथ अलग रहता है।
बेटे ने इस बात की पुष्टि की है कि सुसाइड नोट की लिखावट उनके पिता की है। हालांकि, इसकी फाॅरेंसिक जांच भी होगी। घटनास्थल के आसपास शिक्षा विभाग के पुराने और जर्जर भवन हैं। यह स्थान पूरी तरह झाड़ियों से अटा हुआ है। इन भवनों में नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। एसपी मंडी विनोद कुमार का कहना है कि पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर घटना की जांच कर रही है।