फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संशोधित उड़ान योजना: हिमाचल में हवाई संपर्क को विस्तार, 10 साल के लिए हुआ त्रिपक्षीय करार

Tue, 22 Sep 2026 07:12 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 हवाई संपर्क और संबंधित सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए हिमाचल सरकार, नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 
विज्ञापन
हवाई सेवा(सांकेतिक)। - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क और संबंधित सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए हिमाचल सरकार, नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। संशोधित क्षेत्रीय संपर्क योजना-उड़ान के तहत नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की मौजूदगी में हस्ताक्षर हुए। हिमाचल सरकार की ओर से पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव संदीप कुमार ने समझौते की जानकारी दी।

विज्ञापन

समझौता ज्ञापन के तहत मौजूदा और नई उड़ान हवाई सेवाओं के साथ हवाई संपर्क और संबंधित सुविधाओं के विकास और संचालन के लिए सहयोग का व्यापक ढांचा तैयार किया गया है। यह समझौता 10 वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार राज्य सरकार 20 प्रतिशत व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) का योगदान करेगी, जबकि शेष 80 प्रतिशत वीजीएफ केंद्र सरकार वहन करेगी। इसके बाद विमानन कंपनियां निविदा प्रक्रिया में भाग लेंगी, जिसमें हवाई सेवाओं के लिए रूट भी निर्धारित होंगे।
विज्ञापन

संदीप कुमार ने बताया कि हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई सेवाओं के संचालन की अधिक लागत को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री से वीजीएफ के लिए संशोधित 90:10 का अनुपात लागू करने का आग्रह किया है। इसके तहत केंद्र सरकार से 90 प्रतिशत और राज्य सरकार से 10 प्रतिशत वित्तीय सहायता देने की मांग की गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें