पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि बरामद चिट्टा हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू को सप्लाई करने जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों की जांच की, जिसमें दोनों आरोपियों के बीच व्हाट्सएप चैट में नशे के कारोबार से जुड़ी बातचीत सामने आई। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से किए गए भुगतान ने भी इस अवैध लेन-देन की पुष्टि की। पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू, जोकि जेएमएफसी कोर्ट ठियोग में चपरासी के पद पर कार्यरत है, को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले में उसकी संलिप्तता पाए जाने पर धारा 29 एनडीपीएस एक्ट भी जोड़ी गई है।
इस साल अब तक एनडीपीएस मामलों में 214 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिला शिमला में एनडीपीएस एक्ट के तहत 100 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 214 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 38 आरोपियों की गिरफ्तारी बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि नशे के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।