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हिमाचल में रिकॉर्ड 55 कोरोना संक्रमितों की मौत, 2854 नए पॉजिटिव, जानें सक्रिय केस

Mon, 03 May 2021 11:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 107121 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 80679 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले अब 21788 हो गए हैं और 1599 संक्रमितों की मौत हुई है।
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कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। प्रदेश में  सोमवार को एक दिन में रिकॉर्ड 55 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई है। कांगड़ा जिले में 16, नेरचौक मेडिकल कॉलेज  मंडी में आठ, हमीरपुर छह, शिमला पांच, सोलन सात, ऊना छह और सिरमौर में चार संक्रमितों की मौत हुई है। इसके अलावा चंबा, किन्नौर और बिलासपुर में एक-एक संक्रमित ने दम तोड़ा। उधर, प्रदेश में 2854 लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें से कांगड़ा जिले में रिकॉर्ड 717, मंडी 415, बिलासपुर 400, हमीरपुर 341, शिमला 242, चंबा 201, ऊना 142,  सोलन 113, कुल्लू  101, सिरमौर 163 और लाहौल-स्पीति में19 नए पॉजिटिव केस आए हैं। जबकि कुछ जिलों की कोरोना रिपोर्ट अभी आनी है। वहीं, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी और उनके परिवार की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।

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कहां कितने सक्रिय केस
इसके साथ ही प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 107121 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 80679 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले अब 21788 हो गए हैं और 1599 संक्रमितों की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 1662, चंबा 874, हमीरपुर 1593, कांगड़ा 5384, किन्नौर 208, कुल्लू 659, लाहौल-स्पीति 280, मंडी 2257, शिमला 2273, सिरमौर 2336, सोलन 2967 और ऊना जिले में 1295 पहुंच गई है। बीते 24 घंटों में 1526 संक्रमित ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की जांच के लिए 8511 लोगों के सैंपल लिए गए।

शव यात्रा में शामिल 17 लोग पॉजिटिव
 गगल के नजदीक गांव ढुगयारी में वार्ड नंबर चार में एक ही वार्ड में 17 लोग पॉजिटिव पाए गए। ढुगयारी पंचायत प्रधान निशा देवी ने बताया कि इसी वार्ड में चार दिन पहले एक मृत्यु हुई थी, जिसमें ये लोग शव यात्रा में शामिल हुए थे। इनका सोमवार को कोरोना टेस्ट करवाया गया। इसमें 17 लोग पॉजिटिव निकले। उधर, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर तियारा के संजय भारद्वाज ने बताया कि इन सभी का तियारा के हेल्थ सेंटर में कोरोना टेस्ट करवाया गया। कांगड़ा के एसडीएम अभिषेक वर्मा को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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तपती धूप में कोविड टेस्ट के लिए खड़े तीन लोग बेहोश
सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में कोविड टेस्ट के लिए तपती धूप में अपनी बारी का इंतजार कर रहीं दो महिलाएं और एक पुरुष अचानक बेहोश हो गए। इससे अफरातफरी का माहौल हो गया। बेहोश एक महिला की बाजू में चोट भी पहुंची है। बाद में व्यवस्था को संभाल लिया गया। कोविड टेस्ट के लिए लंबा इंतजार उम्रदराज लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में कोविड टेस्ट के लिए रोजाना लग रही भीड़ पर पुख्ता प्रबंधों के अभाव पर लोगों ने तलखी दिखाई और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया। 

आरोप है कि कोविड टेस्ट के लिए रोजाना घंटों तपती धूप में इंतजार करना पड़ रहा है। उम्रदराज लोगों के बैठने तक के लिए अस्पताल प्रबंधन ने इंतजाम नहीं किए हैं। इस कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। लोगों ने कोविड टेस्ट के लिए अतिरिक्त स्टाफ और कक्ष बढ़ाने की मांग की है। जोगिंद्रनगर के एसडीएम अमित मेहरा ने कहा कि मरीजों के लिए फ्लू कॉर्नर और कोविड टेस्ट के लिए भी आधुनिक सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन अपने स्तर पर कार्य कर रहा है। 

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हॉस्टलों के बंद कमरों को आईसोलेशन सेंटर बनाने की पेशकश

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के कारण बने मुश्किल हालात में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने सरकार और प्रशासन के सहयोग के लिए पहल की है। विश्वविद्यालय के बंद रहने से खाली पड़े छात्रावासों को आईसोलेशन सेंटर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने पेशकश की है। उन्होंने कहा कि बंद पड़े छात्रावासों को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चाहे तो आवश्यकता पड़ने पर आईसोलेशन सेंटर के रूप में उपयोग कर सकता है। 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने साइंस विभागों में लैब में प्रयोग को रखे ऑक्सीजन सिलिंडर को भी, जरूरतमंद कोरोना मरीजों के उपयोग के लिए दिए जाने की बात कही है। विश्वविद्यालय में मौजूद समय मे करीब 200 से भी कम  छात्र छात्राएं ही छात्रावासों में रह रहे हैं। इनमें अधिकतर शोध छात्र ही हैं। विश्वविद्यालय के करीब दस ऐसे छात्रावास है, जो बंद पड़े हुए हैं। इनका आपात स्थिति में आईसोलेशन सेंटर के रूप में प्रयोग प्रशासन करेगा या नहीं  यह स्वास्थ्य विभाग और प्रश्न इतना जरूर है कि विश्वविद्यालय की इस पहल से प्रशासन के पास एक वैकल्पिक व्यवस्था रहेगी। जिसे उपयोग किया जा सकेगा।
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