कांग्रेस विधायक लखविंद्र राणा के भाजपा में शामिल होने से नालागढ़ में चुनावी समीकरण बदल गए हैं। अब भाजपा और कांग्रेस में टिकट की जंग और तेज हो गई है। जहां कांग्रेस में एक ओर वीरभद्र गुट के बावा हरदीप सिंह के टिकट का रास्ता लगभग साफ हो गया है, वहीं भाजपा के पूर्व विधायक केएल ठाकुर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीते कुछ दिन पहले ही दोनों दलों की गुटबाजी खुलकर यहां पर सामने आ चुकी है। नालागढ़ में गुटबाजी के चलते कांग्रेस को अपनी रोजगार संघर्ष यात्रा भी स्थगित करनी पड़ी थी। वहीं, हर घर तिरंगा कार्यक्रम में तीन दिन पहले ही भाजपा के तीन धड़ों ने अलग-अलग रैली निकाली थी।
नालागढ़ में भाजपा कई गुटों में बंटी है। इसमें पूर्व विधायक केएल ठाकुर, जिला सचिव श्रवण चंदेल और हरप्रीत सिंह सैणी ने अलग यात्राएं निकाल कर शक्ति प्रदर्शन किया था। अब राणा के भाजपा में आने से एक गुट ओर बन गया है। भाजपा के पूर्व विधायक केएल ठाकुर पिछले साढ़े चार साल तक जनता के बीच रहे। उन्हें टिकट मिलने की भी पूरी उम्मीद थी, मगर चुनाव से तीन माह पहले राणा की भाजपा में एंट्री से अब टिकट की जंग बढ़ गई है। पिछले चुनाव में राणा को 25,000 मत मिले थे और केएल ठाकुर 1250 वोटों से हारे थे। वहीं, कांग्रेस में हालांकि अब नालागढ़ से कोई बड़ा चेहरा सामने नहीं है। बावा हरदीप सिंह बीते कई माह से क्षेत्र में घूम रहे हैं। मगर लखविंद्र राणा के समर्थक उन्हें पहले ही नकार चुके हैं। वह उन्हें पार्टी से निकालने का प्रस्ताव तक हाईकमान को भेज चुके थे।
पूर्व विधायक केएल ठाकुर का कहना है कि अभी वह नालागढ़ के भाजपा के प्रभारी है और सरकार व पार्टी की ओर से दिए जा रहे सभी कार्यों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं। दूसरी ओर लखविंद्र सिंह राणा ने कहा कि वह पहले भी भाजपा में ही थे और अब दोबारा वह भाजपा के लिए ही कार्य करेंगे।
लखविंद्र राणा का सफर
लखविंद्र सिंह राणा वर्ष 1990 से 2003 तक भाजपा में ही रहे। इस दौरान वह मंडल और जिला अध्यक्ष के पद पर भी रहे। इस बीच विस चुनाव में टिकट की दौड़ में रहे लेकिन पूर्व मंत्री दिवंगत हरि नारायण सैणी को टिकट मिलने के बाद वर्ष 2005 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस में रहते हुए वर्ष 2011 में हरि नारायण सैणी के निधन के बाद हुए उप चुनाव में राणा पहली बार विधायक बने। वर्ष 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन केएल ठाकुर से हार गए थे। वर्ष 2017 में दोबारा से कांग्रेस से टिकट लेकर उन्होंने केएल ठाकुर को पराजित किया।