शिमला के नाम को बदलने की चर्चा के बीच कांग्रेस ने जयराम सरकार के रवैये पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन जिला शिमला संयोजक व पूर्व युवा कांग्रेस सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि देश-विदेश में हिमाचल की पहचान शिमला से है। मानचित्र में भी शिमला उभरकर सामने आया है।
सरकार को ये बातें छोड़कर हिमाचल के विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने युवाओं को रोजगार दिलाने का वायदा किया था, लेकिन युवा खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। ग्रामीणों ने बंदरों और सुअरों के आतंक से खेती करनी छोड़ दी है।
शहरों से बंदरों को एकत्र कर उन्हें गांव में छोड़ा जा रहा है। यह बंदर लोगों की फसलों को उजाड़ रहे हैं। सरकार जनहित की समस्याओं का समाधान करने की बजाय लोगों से शिमला का नाम बदलने के लिए सुझाव मांगने की बात कर रही है।
कपिल शर्मा ने कहा कि जिला शिमला में कांग्रेस पंचायती राज संगठन दौरा कर रहे हैं। लोगों की बंदरों की समस्या ने परेशान करके रखा है। उन्होंने कहा कि जिला शिमला का प्रतिनिधि मंडल पंचायतों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल देवव्रत आचार्य से मिलने जा रहा है।