फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुल्लू मामला: कुलदीप राठौर बोले- सीएम की अफसरों पर नहीं पकड़

Thu, 24 Jun 2021 10:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार


कुलदीप सिंह राठौर ने कहा है कि कानून के रखवाले ही जब खुलेआम एक दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगें तो कानून व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठना लाजिमी है। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री का अपने इन अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं हैं। 
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कुल्लू में पुलिस अफसरों के बीच हुई मारपीट और प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्य सचिव के साथ एक मंत्री के दुर्व्यवहार की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि कानून के रखवाले ही जब खुलेआम एक दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगें तो कानून व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठना लाजिमी है। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री का अपने इन अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं हैं।

विज्ञापन


 प्रदेश अध्यक्ष ने एक मंत्री के सरकार के मुख्य सचिव के साथ मंत्रिमंडल की बैठक में दुर्व्यवहार की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इस घटना ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और अफसरशाही के साथ सरकार के बिगड़ते संबंधों की पूरी पोल खोल दी है और प्रदेश इन दोनों घटनाओं से शर्मसार हुआ है।

मुख्यमंत्री के सामने इस प्रकार की घटना होना किसी की भी पुलिस  सुरक्षा को खुली चुनौती है। प्रदेशाध्यक्ष ने मंत्रिमंडल की बैठक में एक मंत्री के मुख्य सचिव के साथ दुर्व्यवहार करने पर भी कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या अपमान सहन नहीं किया जा सकता। मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष एक मंत्री ने मुख्य सचिव का अपमान करना निंदनीय है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारियों से कैसे पेश आते हैं, वीरभद्र से सीखे भाजपा: विक्रमादित्य

कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कुल्लू में खुलेआम पुलिस अधिकारियों में हुई हाथापाई को गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि केंद्रीय मंत्री के आगमन के दौरान वीआईपी सुरक्षा पर भी एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता है। इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि प्रदेश में पहली बार कानून के रखवालों का इस प्रकार एक दूसरे को खुले में लात घूंसे मारने से हिमाचल जैसे शांति प्रिय राज्य को शर्मसार किया है। इससे साफ हो गया है कि प्रदेश में कानून और शासकीय व्यवस्था किस ओर जा रही है। प्रदेश में सरकार और ब्यरोक्रेसी में कोई तालमेल नहीं रह गया है और दोनों में दूरियां बढ़ती जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों से कैसे पेश आना चाहिए, यह उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से सीखना चाहिए। विक्रमादित्य ने प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्य सचिव से कथित तौर पर दुर्व्यवहार की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इस प्रकार का कोई भी व्यवहार किसी भी अधिकारी के मनोबल पर विपरीत असर डाल सकता है। उन्होंने  भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया है कि वह प्रदेश में अव्यवस्था फैला रहे हैं। विधायक ने  प्रदेश सरकार के सेब सीजन के लिए कोई भी पुख्ता इंतजाम न करने और विपणन व्यवस्था के साथ-साथ माल ढुलाई के मूल्यों को अब तक निर्धारित न करने पर चिंता जताई है।

उन्होंने हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों, बागवानों को हुए नुकसान का आंकलन करने और उन्हें उचित मुआवजा देने की मांग भी सरकार से की है। इधर, प्रदेश कांग्रेस सचिव वेद प्रकाश शर्मा ने प्रदेश सरकार के फैसले पर हैरानी जताई है, जिसमें सरकार ने कोरोना महामारी के इस दूसरे दौर में सभी को खुली छूट दे दी है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ स्वास्थ्य देश मे संभावित कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चिंतित है। वहीं प्रदेश सरकार इसको लेकर पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें