हिमाचल कांग्रेस के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करते हुए केसी वेणगुगोपाल ने प्रदेश, जिला, ब्लॉक व बूथ स्तर तक संगठन की कमेटियों के गठन की स्थिति की जानकारी ली और जहां कमेटियां गठित नहीं हुई हैं, वहां प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर चर्चा हुई। संगठन को निचले स्तर तक सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को चुनावी मोर्चे के लिए तैयार करने की रणनीति पर भी मंथन हुआ। हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने और कांग्रेस सरकार की नीतियों व उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।
संगठन में राज्य स्तर से लेकर बूथ स्तर तक आगामी नियुक्तियों के स्वरूप पर भी चर्चा हुई। केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में तो मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार इससे पहले नई दिल्ली में ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के बीच हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हाईकमान से स्थिति पहले से स्पष्ट मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाया जाएगा। अब उनकी शपथ की तारीख तय होनी है। विधानसभा उपाध्यक्ष के पद पर अभी हाईकमान की ओर से किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। कांगड़ा को भी बड़ा पद देने पर विचार हो रहा है।
खरगे से भी मिले सुक्खू, विनय और रजनी पाटिल
- केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान उत्तराखंड के हलद्वानी रामलीला मैदान में एक ट्रस्ट के कथित शुद्धीकरण विवाद को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व ने उत्तराखंड प्रकरण पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने और भाजपा को घेरने पर भी चर्चा की।
बैठक से पहले लौटे मुकेश, गत दिवस मिले थे पाटिल से
इस बैठक से पहले उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नई दिल्ली से हिमाचल लौट आए। गत दिवस उनकी मुलाकात कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से हुई थी। मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच मुकेश के दिल्ली दौरे से भी हलचल पैदा हो गई थी।