विधायक दल की बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका को पूरी जिम्मेवारी के साथ निभाएगी। वीरभद्र ने अपनी पिछली सरकार के कई फैसलों को बदलने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे तमाम मुद्दों को सदन में उठाया जाएगा।
शिक्षण संस्थानों को बंद करने के सरकार के निर्णय पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि देखना होगा कि सत्तापक्ष विवेकपूर्ण तरीके से सदन को चलाता है कि नहीं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि धारा 118 से छेड़छाड़ करने के अलावा कांग्रेस विधायकों की अनदेखी का मामला भी उठाया जाएगा। कांग्रेेस विधायकों को उपयुक्त रिहाइशें नहीं दी जा रही हैं।
नई विधानसभा के गठन के दो महीने बाद भी अब तक कई विधायकों को विधायक निवास नहीं मिल सके हैं। कई मंत्रियों और विधायकों ने अनाधिकृत तौर पर पिछले कार्यकाल में आवंटित आवासों पर कब्जा जमाया हुआ है। सोमवार को विधायकों की इसी परेशानी को लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा अध्यक्ष डा राजीव बिंदल से मुलाकात की।
बिंदल ने इस मामले में मुख्य सचिव विनीत चौधरी को पड़ताल कर आवासीय आवंटन सुनिश्चित करने को पत्र भेजा है। मुकेश ने कई मंत्रियों को मंत्री आवास एलाट होने के बावजूद विधायक निवास खाली न करने की शिकायत की। लगभग एक दर्जन आवासों पर अभी भी मौजूदा मंत्रियों के साथ विधायक और कुछ पूर्व विधायकों का कब्जा है।
बिंदल ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेकर विधायकों को आवासीय सुविधा दिलवाने का आश्वासन दिया है। अग्निहोत्री का कहना था कि पूर्व विधायकों व मंत्रियों के ऐसा करने की वजह से नए विधायकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष बिंदल ने आश्वासन दिया कि जल्द ही मकान खाली हो जाएंगे। कहा कि इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा है कि वह जल्द से जल्द आवासों को तैयार कर दें ताकि विधायक व मंत्री नए निवास में शिफ्ट हो सके।