सैकड़ों टिकट आवेदनों पर लाखों रुपये इकट्ठा किए गए और इसके बाद ही सालों से लंबित संपत्ति कर दिया गया। वर्तमान में कांग्रेस पार्टी का कोष दोबारा खाली हो चुका है। कांग्रेस कार्यालय में काम कर रहे कर्मचारियों के खर्चे निकालने तक मुश्किल हो गए हैं।
टैक्स देना बाद की बात है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पास पैसे नहीं हैं। यह सही है कि प्रापर्टी टैक्स देने की भी चिंता है।
कार्यालय और यहां के कर्मचारियों के खर्चे अलग से हैं। सुक्खू बोले - मैं अपनी तनख्वाह से एक लाख रुपये दूंगा और अन्य नेताओं से भी इसकी अपील करूंगा कि वे भी पार्टी फंड दें। कांग्रेस के कई नेताओं ने हाल ही में एआईसीसी सम्मेलन में दिल्ली में भी योगदान दिया है। उम्मीद है कि वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी देंगे।