एक खेमा वीरभद्र सिंह, जबकि दूसरा प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू का है। ऐसे में वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत और एक बैनर के तले लाना पाटिल के लिए चुनौती से कम नहीं होगा।
प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा 40 सीटें लेकर सत्ता पर काबिज हुई है। इसके मुकाबले कांग्रेस को सिर्फ 21 ही सीटें ही मिली थीं। हिमाचल में कांग्रेस की मजबूत पकड़ बनाने के लिए बड़ा बदलाव होने की भी संभावना जताई जा रही है।
युवाओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। उधर, हिमाचल कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नरेश ठाकुर ने कहा कि पाटिल जून के पहले सप्ताह में हिमाचल आने की बात कही है।