करीब 45 मिनट तक चलने वाले इस नाश्ते के दौरान वह जिला अध्यक्षों से अनौपचारिक बातचीत कर संगठनात्मक फीडबैक लेंगे। इसके बाद वह प्रशिक्षण शिविर में औपचारिक रूप से जिला अध्यक्षों को संबोधित करेंगे। यह सत्र करीब ढाई घंटे तक चलेगा, जिसमें संगठन की मजबूती, आगामी रणनीति और जमीनी स्तर पर पार्टी को सशक्त बनाने पर चर्चा होगी। सत्र के बाद चाय के लिए अल्प विराम रखा गया है। राहुल गांधी का दोपहर का भोजन भी जिला अध्यक्षों के साथ ही होगा। इसके बाद वह दोपहर 2:30 बजे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे, जिसमें प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और आगामी रणनीति पर मंथन किया जाएगा।