आरोप लगाया गया कि नियमों को दरकिनार कर कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। भर्ती में केवल साक्षात्कार को ही मुख्य आधार बनाया गया है जो कि तर्कसंगत नहीं है।
अब प्रदेश में सरकार बदलने के बाद शिक्षा विभाग ने पीजीटी आईपी भर्ती का मामला समीक्षा के लिए राज्य सरकार को भेजा है।
संभावित है कि जयराम सरकार पूर्व सरकार द्वारा नियमों में दी गई छूट को समाप्त कर लोकसेवा आयोग या अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के माध्यम से पीजीटी आईपी के पदों पर भर्ती को हरी झंडी दे सकती है।