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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- एमडी करने वाले डेंटल चिकित्सकों का बढ़ाया जाएगा स्टाइपंड

Sat, 28 Jun 2025 10:45 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

डेंटल कॉलेज शिमला में इंटर कॉलेज समारोह इरप्शन-2025 की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन पर 1100 करोड़ खर्च कर रही है। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार शाम को डेंटल कॉलेज शिमला में इंटर कॉलेज समारोह इरप्शन-2025 की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन पर 1100 करोड़ खर्च कर रही है। एक वर्ष के भीतर चिकित्सा क्षेत्र में विशेष परिवर्तन देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एमडी डॉक्टरों का स्टाइपंड 60 हजार रुपये से एक लाख रुपये कर दिया है और सुपर स्पेशेलिटी डॉक्टरों के स्टाइपंड में भी आशातीत बढ़ोतरी की है। एमडी करने वाले डेंटल डॉक्टरों के स्टाइपंड भी इसी आधार पर बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को 5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की।

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कॉलेज के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह भी एससीए अध्यक्ष रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखकर उन्हें अपने समय की याद आ गई। फर्क केवल इतना है कि आज विद्यार्थियों की भागीदारी अधिक है। उन्होंने सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण की और उनका एक साधारण परिवार से संबंध है। मुख्यमंत्री बनने के समय राज्य पर 75 हजार करोड़ रुपये के कर्ज और कर्मचारियों की देनदारी के 10 हजार करोड़ का बोझ था। प्रदेश को कर्ज मुक्त करने के लिए सरकार व्यवस्था परिवर्तन का ध्येय मानकर कार्य कर रही है। पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश के संसाधनों का दुरुपयोग किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा, कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशु भारती मौजूद रहे।

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करोड़ मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन पर खर्च कर रही है सरकार: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का आकलन किया तो पाया कि पूर्व सरकार के कुप्रबंधन के कारण वर्ष 2021 में शिक्षा गुणवत्ता के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था। पूर्व भाजपा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए सैकड़ों घोषणाएं कीं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। वर्तमान प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों को पूर्व सरकार के गलत निर्णयों से बचाने के लिए 1000 स्कूलों का विलय किया। कक्षा पहली से ही अंग्रेजी माध्यम शुरू करने के अलावा शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को एक्सपोजर विजिट के लिए विदेश भ्रमण पर भेजा जा रहा है। विरोध के बावजूद स्कूल शिक्षा निदेशालय की स्थापना की। अब प्रदेश 5वें स्थान पर पहुंच गया है, लेकिन हमारा लक्ष्य सर्वश्रेष्ठ स्थान पर पहुंचना है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आगामी वर्ष से राज्य में 10 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल शुरू हो जाएंगे।
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