मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालने के बाद ही व्यवस्था परिवर्तन में अनेक कदम उठाए हैं, जिसके परिणाम सामने आए हैं। विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में इसका विस्तृत उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी बुधवार को राज्य विधानसभा परिसर में दी। सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन की नींव पहले बजट में रखी थी। कांग्रेस सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। प्राकृतिक आपदा ने हिमाचल प्रदेश को झकझोर के रख दिया। इस कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बाद भी सरकार ने आपदा प्रभावित लोगों को राहत दी है। वहीं, कांग्रेस सरकार ने एक साल के भीतर ही हिमाचल में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है। चयन आयोग में नौकरियां बेची जा रहीं थी। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी विजिलेंस जांच करवाई। यह भी पता चला है कि नौकरियां बेचने का यह धंधा काफी समय से चल रहा था।
अब सरकार ने इसे बंद कर दिया है। एक साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर लगाने की दिशा में सरकार का ये एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि ग्रीन स्टेट की परिकल्पना लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। इसको लेकर समाज में भी एक सोच बन चुकी है। इस सोच के साथ भी सरकार आगे बढ़ रही है। शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर सरकार कानून में संशोधन कर रही है। सरकार की सोच है कि अगर संस्थान खोले जाएं, अगर उनमें शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार न हो पाए तो यह भी नुकसान ही है। सरकार सभी पहलुओं को देखकर आगे बढ़कर काम कर रही है। अगले सत्र से ही पहली कक्षा से अंग्रेजी विषय भी शुरू कर दिया जाएगा। छह वर्ष से कम उम्र के बच्चे को मानसिक तनाव में नहीं रखा जाएगा। अस्पतालों में आधारभूत ढांचे को विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार लोगों की अंतिम आवाज को पहचानकर बजट में प्रावधान कर रही है।
जनता के हित की लड़ाई सड़क से सदन तक चलेगी
वहीं, जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जहां भी जाओ, हर जगह लोग धरने के लिए सड़कों पर बैठे हैं। कांग्रेस झूठी गारंटियों के साथ सत्ता में आई है। कांग्रेस ने नौकरियां देने का वादा किया था, सभी भर्तियों को रोका गया है। कर्मचारी चयन आयोग को बंद कर दिया है। जेओए आईटी परीक्षा परिणामों को घोषित करने के लिए अभ्यर्थी धरने पर बैठें हैं। वे उनसे विधानसभा मिलने पहुंचे है। जनता के हित की लड़ाई सदन से सड़क तक चलती रहेगी।