सुक्खू ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्रथम चरण में प्रदेशभर में 100 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग को इस संबंध में सभी तैयारियां तय समयसीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। सीबीएसई पैटर्न आधारित स्कूलों का अलग रंग होगा और यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की अलग रंग की वर्दी होगी। इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं के साथ-साथ मेस का प्रबंध भी किया जाएगा और विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा।
खाली पड़े अध्यापकों के पदों को भरा जा रहा: सीएम
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में सीबीएसई के मापदंड पूरा करने वाले अब तक 86 स्कूलों की पहचान की जा चुकी है। सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के प्रयास कर रही है और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। शिक्षा विभाग में खाली पड़े अध्यापकों के पदों को भरा जा रहा है।
राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाने की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाने की समीक्षा भी की और अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में एक अच्छा कैंपस तैयार होना चाहिए, जहां खेलकूद गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त जगह हो। शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल मील का पत्थर सिद्ध होंगे। सुक्खू ने कहा कि हर जिला में स्टेट ऑफ आर्ट कॉलेज बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ सभी प्रकार की गतिविधियां उपलब्ध होंगी। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।