हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सुक्खू सरकार बनने के बाद विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना का पैसा रोक दिया गया है। प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। न तो नई संपर्क सड़कों का निर्माण हो पा रहा है और न ही पुराने मार्गों की मरम्मत। सामुदायिक भवन निर्माण, रिटेनिंग वाल और आधारभूत ढांचा विकास आदि के तमाम कार्य रुक गए हैं।
ऊना में हुई भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भी मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) की नियुक्तियों में फिजूलखर्ची का मामला उठाया जा चुका है। विधायकों को क्षेत्र विकास निधि का पैसा जारी न करने के बारे में नाराजगी जताई जा चुकी है। इस पर भाजपा कोर्ट में जाने की तैयारी कर रही है। विधायक प्राथमिकता बैठक में भी कुछ विधायक इस मसले को उठा चुके हैं।
क्या बोले मुख्य सचिव
यह मामला कई विधायकों ने पिछले दिनों उठाया है। यह मुख्यमंत्री के विचाराधीन है। जल्दी इस पर निर्णय हो जाएगा। - प्रबोध सक्सेना, मुख्य सचिव, हिमाचल प्रदेश सरकार
पूर्व सीएम ने ये कहा
ऐसा पहली बार हुआ है कि विधायक क्षेत्र विकास निधि का पैसा रोक दिया गया है। इसे साल के हर तिमाही के शुरू में ही जारी कर दिया जाता था। इससे विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य ठप हो गए हैं। मौजूदा सरकार हर चीज की तालाबंदी करने पर उतारू हो गई है। कोविड काल में जब प्रतिकूल परिस्थितियां थीं तो इसमें कुछ कटौती जरूर की गई थी, पर विधायक क्षेत्र विकास निधि में इस तरह से रोक कभी नहीं लगाई गई। - जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश