सोमवार को वाहन को हरी झंडी दिखाने के उपरांत मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह पहल भारत और भूटान के मैत्रीपूर्ण सौहार्द व भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश वन विभाग की ओर से भूटान को पांच लाख रुपये मूल्य के चिलगोजा के और बीज भी प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश सरकार की ओर से भूटान के वन विभाग के अधिकारियों को चिलगोजा के पौधे उगाने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके लिए उनके वन विभाग की टीम शीघ्र ही हिमाचल आएगी।
प्रदेश सरकार चिलगोजा गतिविधियों में स्थानीय महिला मंडलों को भी शामिल करेगी और इसके लिए उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूर्व भी भूटान को चिलगोजा के 50 किलोग्राम बीज प्रदान किए जा चुके हैं। चिलगोजा पश्चिमी हिमालय की बहुमूल्य प्रजाति है, जो पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और स्थानीय आजीविका से गहराई से जुड़ी हुई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, विधायक कैप्टन रणजीत सिंह राणा एवं मलेंद्र राजन, प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, महाधिवक्ता अनूप रतन, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।